Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही हुई कम, अमेरिका और ईरान के तनाव से मची हलचल

Praggya Singh sabal18 August 20262 min read63 viewsOman
Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही हुई कम, अमेरिका और ईरान के तनाव से मची हलचल

होरमुज जलडमरूमध्य में इन दिनों जहाजों की आवाजाही बहुत ज्यादा कम हो गई है जिससे समुद्री व्यापार पर भारी असर पड़ रहा है। 17 अगस्त 2026 को इस रास्ते से केवल छह मालवाहक जहाज ही अपनी यात्रा पूरी कर सके। शिपिंग डेटा के मुताबिक, यह संख्या पिछले वीकेंड के मुकाबले थोड़ी सी ज्यादा जरूर है क्योंकि शनिवार को केवल तीन और रविवार को दो जहाज ही गुजरे थे, लेकिन यह पिछले 10 दिनों के औसत 11 जहाजों से काफी कम है। इस दौरान कोई भी बहुत बड़ा क्रूड कैरियर या एलएनजी टैंकर इस रास्ते पर नजर नहीं आया जिससे स्थिति की गंभीरता साफ पता चलती है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत खत्म

जहाजों की आवाजाही में यह गिरावट जून महीने में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के 60 दिन पूरे होने के बाद आई है। दोनों देशों के बीच पिछले 24 हफ्ते से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए कोई भी ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है। ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार को साफ किया कि तेहरान अब पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना रहा है और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को तोड़ने के लिए सटीक हमला करने की चेतावनी दी है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को बयान दिया कि यदि ओमान देश ने अमेरिका के इस रास्ते को दोबारा खोलने के काम में दखल दिया, तो अमेरिका ओमान पर बमबारी कर सकता है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह इस जलमार्ग को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करना चाहते हैं ताकि पूरी तरह से नियंत्रण किया जा सके। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने सोमवार को यह बात पक्की की कि तेहरान और मस्कट के बीच नए ट्रांजिट रूट के नक्शे को लेकर एक समझौता हो गया है।

ओमान के तट पर जहाज पर हमला

इस तनाव भरे माहौल के बीच मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने जानकारी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर अज्ञात गोले से हमला हुआ। इस हमले की वजह से जहाज के इंजन रूम को काफी नुकसान पहुंचा और एक क्रू मेंबर की मौत हो गई। ओमान का कोस्टगार्ड इस समय जहाज पर मौजूद बाकी लोगों की मदद कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है। इस पूरी घटना से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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