होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते जहाजों की आवाजाही घटी, केवल एक गैस कैरियर निकला.

फारस की खाड़ी के पास स्थित Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शिपिंग डेटा से यह जानकारी सामने आई है कि तनाव बढ़ने के कारण सोमवार, 24 अगस्त 2026 को इस रास्ते से केवल एक ही कमोडिटी जहाज गुजरा, जो कि एक बड़ा गैस कैरियर था। इस आंकड़े के बाद पिछले 7 मई के बाद से यह सबसे कम दैनिक वॉल्यूम बन गया है। इस तीखी गिरावट को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वर्तमान में ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम यानी AIS ट्रांजिट पूर्व-संघर्ष के समय के मुकाबले लगभग 90 प्रतिशत नीचे चल रहे हैं।
जहाजों की संख्या में लगातार आई भारी कमी
इस एकल ट्रांजिट से पहले के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी अलग थी। डेटा के मुताबिक, रविवार, 23 अगस्त को केवल चार जहाज इस रास्ते से गुजरे थे और शनिवार, 22 अगस्त को कुल तेरह जहाजों ने इसे पार किया था। लेकिन सोमवार आते-आते यह संख्या घटकर सिर्फ एक पर आ गई। जानकारों के अनुसार यह स्थिति क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर पैदा हुए गहरे संकट को साफ तौर पर बयां करती है, जिससे इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कारोबारियों में डर का माहौल बना हुआ है।
इस्लामाबाद समझौते की समाप्ति और नए कड़े नियम
यह पूरी गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच हुए 60-दिवसीय इस्लामाबाद समझौता यानी MoU की अवधि 17 अगस्त को समाप्त होने के बाद शुरू हुई। इस तय समय में दोनों पक्षों के बीच समझौते का विस्तार करने या फिर कोई नया करार करने को लेकर बात नहीं बन पाई। इसके बाद ईरानी संस्था Persian Gulf Strait Authority ने अपनी तरफ से ऐलान किया कि वे अब इस रास्ते पर चलने के लिए और ज्यादा सख्त नियम लागू करेंगे। साथ ही ईरान ने कार्रवाई करते हुए 45 टैंकरों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके अलावा, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलने के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
अलग-अलग दावे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास
इस बीच अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने हाल ही में बयान दिया कि अमेरिका Operation Economic Outcast के तहत इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। हालांकि, उनके इस दावे को Windward, TankerTrackers.com और MarineTraffic जैसी कई ट्रैकिंग फर्मों के डेटा ने गलत साबित किया है। Commodity Context के Rory Johnston ने भी इस बात की पुष्टि की है कि स्वतंत्र ट्रैकिंग कंपनियों के आंकड़े कम ट्रैफिक की ही बात कह रहे हैं, जो व्हाइट हाउस के उन बयानों के विपरीत हैं जिनमें रोजाना ज्यादा जहाजों के निकलने का दावा किया जा रहा था।
इसी दौरान अस्थिरता को और बढ़ाते हुए सोमवार, 24 अगस्त को ओमान के तट के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने से एक तेल टैंकर निष्क्रिय हो गया। वहीं दूसरी तरफ, लाल सागर में सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी Bahri ने जानकारी दी कि उनका जहाज AMZAN भी एक सुरक्षा घटना का शिकार हुआ, जिसकी जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है। इन हालातों के बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने एक नया तंत्र प्रस्तावित किया है ताकि उर्वरक जैसी जरूरी और आवश्यक सामग्री को आसानी से निकाला जा सके, बशर्ते इसके लिए सभी सदस्य देश सहमत हों। साथ ही कूटनीतिक बातचीत के तहत ईरान और ओमान के बीच द्विपक्षीय चर्चाएं मंगलवार, 25 अगस्त को फिर से शुरू होने वाली हैं, जिसके लिए ओमान के विदेश मंत्री Badr bin Hamad Al Busaidi के तेहरान पहुंचने की उम्मीद है।