हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही हुई कम, ईरान की धमकियों के बाद टाल रहे हैं समुद्री सफर.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। ईरान की तरफ से समुद्री यातायात को लेकर दी गई चेतावनियों के बाद जहाजों के संचालन पर इसका सीधा असर दिखा है। शिपिंग डेटा फर्म Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, 22 से 23 अगस्त 2026 के उस वीकेंड पर इस रास्ते से 20 से भी कम कमर्शियल जहाज गुजरे।
समुद्र में सुरक्षा के हालात को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। रविवार को केवल 4 जहाज और शनिवार को 13 जहाजों ने इस रास्ते को पार किया। इसके अलावा, ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के डेटा से पता चलता है कि 23 अगस्त को केवल 7 जहाज ही इस स्ट्रेट के अंदर आए या बाहर गए, जिसमें कोई भी तेल टैंकर शामिल नहीं था। एक दिन पहले जहां 36 जहाज रिपोर्ट किए गए थे, वहीं अमरीकी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 21 अगस्त को दक्षिणी चैनल से करीब 40 तेल टैंकर निकले थे, जिससे यह गिरावट साफ नजर आती है।
यूकेएमटीओ और ईरान का रुख
यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने पुष्टि की है कि पिछले 48 घंटे से कमर्शियल ट्रैफिक कम बना हुआ है। 21-22 अगस्त की रात को 9 जहाजों ने अपने ट्रांसपोंडर बंद करके यानी 'डार्क' होकर इस रास्ते को पार किया, जो रात के समय बिना जानकारी के निकलने का एक नया रिकॉर्ड है। इसके बाद 24 अगस्त को तनाव और बढ़ गया जब ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी यानी PGSA ने चेतावनी दी कि जो विदेशी कमर्शियल जहाज नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा या उन्हें जब्त कर लिया जाएगा।
ईरान की संसद के नेशनल सिक्योरिटी एंड सिक्योरिटी कमीशन ने एक नए ड्राफ्ट कानून का समर्थन किया है, जिसके तहत तय देशों के जहाजों को ईरान की तरफ से दी जाने वाली समुद्री सेवाओं के लिए पैसे चुकाने होंगे। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक युद्ध जारी रहा, तो ईरान फारस की खाड़ी के रास्ते होने वाले सभी तेल निर्यात को रोक देगा। इसके अलावा, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने मार्च के बीच से ही ईरानी पानी में आने वाले सभी विदेशी जहाजों के लिए इंस्पेक्शन की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है।
अमरीकी प्रतिबंध और क्षेत्रीय घटनाएं
यह तमाम घटनाएं अमरीका और ईरान के बीच 60 दिन की बातचीत की अवधि के 17 अगस्त को बिना किसी शांति समझौते के खत्म होने के बाद सामने आई हैं। अमरीकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 24 अगस्त को ईरान के खिलाफ आर्थिक डी-डे का ऐलान किया और ईरानी हुकूमत के आर्थिक जरियों को खत्म करने के लिए नए प्रतिबंधों का वादा किया। इससे पहले अमरीका ने 14 जुलाई को ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू की थी।
क्षेत्र में हाल ही में सुरक्षा से जुड़ी कई घटनाएं भी घटी हैं, जिसमें 17 अगस्त को कैमरून के झंडे वाले एक कार्गो जहाज का अपहरण और 18 अगस्त को एक बल्क कैरियर पर हुआ हमला शामिल है, जिसमें मुख्य इंजीनियर की मौत हो गई थी। हालांकि कुछ चीनी कंपनियों के इस क्षेत्र से दूर रहने की खबरें थीं, लेकिन समुद्री डेटा के अनुसार कम से कम दो चीनी झंडे वाले जहाज, तेल टैंकर 'Mousik' और 'New Way' अभी भी स्ट्रेट के ईरानी हिस्से से गुजर रहे हैं।