Strait of Hormuz में भारी तनाव, अमेरिका और ईरान के विवाद से कम हुआ कमर्शियल ट्रैफिक.

Praggya Singh sabal22 August 20263 min read63 viewsWorld
Strait of Hormuz में भारी तनाव, अमेरिका और ईरान के विवाद से कम हुआ कमर्शियल ट्रैफिक.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण Strait of Hormuz से होने वाला कमर्शियल जहाजों का आवागमन बहुत ज्यादा कम हो गया है। UK Maritime Trade Operations यानी UKMTO की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रास्ते पर ट्रैफिक युद्ध से पहले के स्तर का सिर्फ 20 प्रतिशत ही बचा हुआ है। पहले इस रास्ते से रोज औसतन 138 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर सिंगल डिजिट में आ गई है। 21 अगस्त को आई रिपोर्ट में बताया गया था कि ट्रैफिक में 90 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, 20 अगस्त के शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि उस दिन इस जलडमरूमध्य से सिर्फ चार कमोडिटी जहाज गुजरे, जिसमें कोई भी बड़ा क्रूड कैरियर या लिक्विफाइड नेचुरल गैस टैंकर शामिल नहीं था। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप Uniindia News पर देख सकते हैं।

अमेरिकी सेना की मदद और तेल का परिवहन

US Central Command यानी CENTCOM ने जानकारी दी है कि मई 2026 की शुरुआत से अमेरिकी बलों ने कुल 1,300 कमर्शियल जहाजों की मदद की है। इसके जरिए 660 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चे तेल के परिवहन को आसान बनाया गया है। अमेरिका के ऊर्जा सचिव Chris Wright ने बताया कि तेल के आने-जाने का सात दिनों का औसत बढ़कर 8 मिलियन बैरल प्रति दिन से ज्यादा हो गया है। हालांकि, यह दूसरी तिमाही के 4.9 मिलियन बैरल से तो ज्यादा है, लेकिन युद्ध से पहले के स्तर यानी 20 से 21 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अभी भी काफी पीछे है। CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन Tim Hawkins ने कहा कि कई रास्ते अभी भी खुले हुए हैं, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों के खिलाफ नौसेना की नाकाबंदी कर रखी है। इसके तहत 21 अगस्त तक 68 जहाजों को दूसरे रास्ते पर भेजा गया, 3 जहाजों को निष्क्रिय किया गया और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की गई।

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राजनीतिक बयानबाजी और एमओयू की स्थिति

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 22 अगस्त को कहा कि अमेरिका का इस क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण है और ईरान अभी किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है। ईरान, जो 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से लगातार कमर्शियल शिपिंग को निशाना बना रहा है, unauthorized टैंकरों को लगातार धमकी दे रहा है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि यह रास्ता तब तक बंद रहेगा जब तक 14-सूत्रीय Memorandum of Understanding यानी MoU पूरा नहीं हो जाता। इसमें जमी हुई संपत्तियों को जारी करना और तेल प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। तनाव कम करने के लिए बनाया गया पिछला समझौता लगभग 17 या 18 अगस्त को समाप्त हो गया था। इसके खत्म होने के बाद, 18 अगस्त को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने से एक जहाज पर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि इनका कोई अंतरराष्ट्रीय कानूनी आधार नहीं है।

सुरक्षा चिंताएं और समुद्री पर्यावरण पर खतरा

इस बीच, इस क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी अस्थिर बनी हुई है। 19 अगस्त को नाटो कमांडरों ने समुद्री सुरक्षा में संभावित योगदान को लेकर आपस में चर्चा की। इसके अलावा, 22 अगस्त को सामने आई एक स्टडी में यह चेतावनी दी गई है कि 28 फरवरी से फंसे हुए 1,500 से अधिक कमर्शियल जहाजों के कारण वैश्विक स्तर पर बायोफॉलिंग से जुड़े जैविक आक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है, जिससे पूरी दुनिया की समुद्री व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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