Strait of Hormuz Tension: हॉर्मूज जलडममध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, अल जज़ीरा ने पॉडकास्ट में किया बड़ा खुलासा।

Nura Basta23 August 20262 min read64 viewsWorld
Strait of Hormuz Tension: हॉर्मूज जलडममध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, अल जज़ीरा ने पॉडकास्ट में किया बड़ा खुलासा।

फारस की खाड़ी के पास हॉर्मूज जलडममध्य में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करते हुए अल जज़ीरा के लोकप्रिय पॉडकास्ट #DejaVu में एक नया एपिसोड जारी किया गया है। इस एपिसोड को होस्ट Mohamed Hassan ने किया है, जिसमें यह गहराई से पड़ताल की गई है कि क्या मौजूदा संकट अमेरिका के लिए ब्रिटिश साम्राज्य के पतन जैसा साबित हो सकता है। कार्यक्रम में राजनीतिक वैज्ञानिक और लेखिका Laleh Khalili ने भी अपने विचार रखे हैं, जो इस पूरे मामले को बहुत बारीकी से समझती हैं।

तनाव और पाबंदियों का दौर

यह पॉडकास्ट ऐसे समय पर रिलीज हुआ है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच रिश्ते बहुत ज्यादा खराब हो चुके हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक हॉर्मूज जलडममध्य को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। उन्होंने यह भी धमकी दी है कि जो भी देश अमेरिका के साथ मिलकर आर्थिक युद्ध में शामिल होगा, उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा और उन्हें तेल ले जाने से रोक दिया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने शत्रुता को समाप्त करने और बातचीत का समर्थन किया है। उन्होंने हाल ही में इराकी तेल टैंकरों को आने-जाने की अनुमति भी दी थी ताकि हालात थोड़े सामान्य हो सकें।

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अमेरिकी राष्ट्रपति का कड़ा रुख

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस जलमार्ग पर अपना कड़ा नियंत्रण दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने 18 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें हॉर्मूज जलडममध्य को नया अमेरिकी क्षेत्र बताया गया है। अमेरिकी प्रशासन ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाने की योजना पर काम कर रहा है। देश के ऊर्जा सचिव Chris Wright ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में एक दिन में 15 मिलियन बैरल से अधिक तेल और उत्पादों के आने-जाने में मदद की है, जो पिछले सात दिनों के दौरान औसतन 8 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहा है।

क्षेत्रीय कूटनीति और शिपिंग पर असर

इस पूरे विवाद के बीच क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी लगातार जारी हैं। मिस्र देश जून में हुए अमेरिका-ईरान समझौते के आधार पर रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। ब्रिटेन की नौसेना के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने जानकारी दी है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहाज चलाने वाली कंपनियां अब अमेरिकी सुरक्षा गारंटियों के बावजूद ओमान के पास के दक्षिणी रास्तों के बजाय ईरान द्वारा नियंत्रित उत्तरी रास्तों का ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं।

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