Strait of Hormuz: अमेरिका और ब्रिटेन का बड़ा ऐलान, ओमान और ईरान के बीच समुद्री रास्ते पर बनी सहमति

होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के बीच अमेरिका और ब्रिटेन ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। 5 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, दोनों देशों ने साफ किया है कि वे इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर आवाजाही की पूरी आजादी और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साथ खड़े हैं। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब इस जलमार्ग पर बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।
क्या है नया समझौता और रास्ता?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में जानकारी दी कि ईरान और ओमान ने जहाजों के गुजरने के लिए एक नए रूट पर सहमति बना ली है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, जहाज फारस की खाड़ी में प्रवेश के लिए ईरान-नियंत्रित रास्ते का उपयोग करेंगे, जबकि बाहर निकलने के लिए ओमान-नियंत्रित मार्ग का इस्तेमाल किया जाएगा। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक ड्राफ्ट डील तैयार हो चुकी है, जिस पर अंतिम मुहर ईरान के सुप्रीम लीडर द्वारा लगाई जानी बाकी है।
इस नई व्यवस्था के तहत एक नोटिफिकेशन सिस्टम भी बनाया जाएगा। इसके अनुसार, ईरान को उन जहाजों की सूचना दी जाएगी जो वहां से बाहर निकलेंगे, वहीं ईरान भी ओमान को आने वाले जहाजों के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार दिख रहा है। हालांकि, सेवा शुल्क को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्टों में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के नाम पर शुल्क लेने की बात कही गई है, जबकि अन्य खबरों में इसे पूरी तरह से मुफ्त बताया गया है।
अमेरिका और ईरान का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के लिए एक समझौता बुधवार तक हो सकता है, क्योंकि इस दिशा में काफी प्रगति हुई है। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ब्रिटेन के विदेश सचिव Ed Miliband के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिका इस रास्ते को सुरक्षित और खुला रखने के लिए पूरी तरह गंभीर है।
ईरान ने हालांकि अपनी शर्त साफ रखी है। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य को पूरी तरह से सामान्य रूप से खोलने का फैसला तभी लिया जाएगा जब अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी नौसेना नाकाबंदी को हटा लेगा।
सुरक्षा पर चिंताएं
यह पूरा घटनाक्रम खाड़ी देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी इन क्षेत्रों में काम करते हैं और व्यापारिक आपूर्ति के लिए यह मार्ग जीवन रेखा समान है। हाल ही में समुद्री गतिविधियों में तेजी देखी गई है। 4 अगस्त 2026 को ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की खबर ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। अधिक जानकारी के लिए Kuwait News Agency (KUNA) के आधिकारिक अपडेट्स को फॉलो किया जा सकता है। यह प्रस्तावित डील एक अस्थायी समाधान के रूप में देखी जा रही है, जिससे आने वाले समय में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी नई बातचीत का रास्ता साफ हो सकता है।