Sudan Crisis: सूडान के कोर्दोफन में हिंसा का तांडव, 2 लाख लोग हुए बेघर और खाने-पीने की भारी किल्लत.

सूडान के ग्रेटर कोर्दोफन इलाके में चल रहे भीषण संघर्ष और बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों की वजह से हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी UN की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 के आखिर से लेकर अब तक लगभग 200,000 लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हुए हैं। इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी आप IOM Official Website पर देख सकते हैं। आम आदमी के लिए यह समय बेहद मुश्किलों भरा चल रहा है, क्योंकि हिंसा की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है।
बुनियादी सुविधाओं पर हमले और आम लोगों की मुश्किलें
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन यानी IOM के अनुसार, उत्तर कोर्दोफन के शीकान इलाके में पिछले आठ महीनों में विस्थापन की संख्या में 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो परिवार इन इलाकों से जान बचाकर भाग रहे हैं, उन्हें पीने के पानी, बिजली और चिकित्सा सेवाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालात को और ज्यादा गंभीर बनाने का काम लाल सागर और हॉर्मूज जलडमरूमध्य में वैश्विक नौवहन में आ रही रुकावटों ने कर दिया है, जिससे राहत सामग्री समय पर नहीं पहुंच पा रही है।
ड्रोन हमलों से तबाह हुए अस्पताल और बिजली घर
रैपिड सपोर्ट फोर्सेज यानी RSF से जुड़े ड्रोन हमलों में एल ओबेइड और उसके आसपास के इलाकों जैसे बारा और जबरा अल शेख के पानी और बिजली संयंत्रों को बार-बार निशाना बनाया गया है। इन हमलों की वजह से कई जगहों पर बिजली गुल हो गई है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने जानकारी दी है कि अल-मज्रौब में हैजा फैलने के बाद वहां मानवीय सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं रोक दी गई हैं। हालांकि सूडानी सशस्त्र बलों यानी SAF ने 18 अगस्त 2026 को उत्तर कोर्दोफन के ऊपर आरएसएफ के दो लंबी दूरी के ड्रोन मार गिराने का दावा किया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि जनवरी से मई 2026 के बीच इन ड्रोन हमलों में 1,000 से ज्यादा आम नागरिकों की जान जा चुकी है।
सड़क मार्ग खुलने के बावजूद जारी है हिंसा
सूडानी सेना ने जुलाई 2026 के आखिर में खार्टून-कोर्दोफन हाईवे यानी अल-सदारत हाईवे पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया था और व्यावसायिक यातायात को आसान बनाने के लिए 13 अगस्त को व्यापार प्रतिबंध हटा लिया था। इसके बावजूद पूरा क्षेत्र अभी भी बहुत अशांत बना हुआ है। अल ओबेइड के दक्षिण-पश्चिम में उम अरदा इलाके में 14 अगस्त 2026 को हुए एक जमीनी हमले में कम से कम 18 नागरिकों की मौत हो गई थी और 17 लोग घायल हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाईवे के दोबारा खुलने से राजधानी और कोर्दोफन के बीच एक जरूरी सैन्य और आपूर्ति मार्ग तो बन गया है, लेकिन आरएसएफ के लगातार हो रहे हमलों के कारण आम नागरिकों का विस्थापन रुक नहीं रहा है और राहत कार्यों में लगातार रुकावटें आ रही हैं।