सूडान में बड़ा हमला, ओटोरो जनजाति को बनाया गया निशाना, 4 बच्चों समेत 27 लोगों की दर्दनाक मौत.

Praggya Singh sabal26 August 20263 min read69 viewsWorld
सूडान में बड़ा हमला, ओटोरो जनजाति को बनाया गया निशाना, 4 बच्चों समेत 27 लोगों की दर्दनाक मौत.

सूडान के दक्षिण कोरडोफन क्षेत्र में हाल ही में हुए एक भीषण हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस दिल दहला देने वाली घटना में चार बच्चों सहित कम से कम 27 लोगों की जान चली गई है और कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं। यह पूरी हिंसा नुबा पर्वत के पास स्थित ओटोरो जनजाति के लोगों को निशाना बनाकर की गई है जो कि एक अल्पसंख्यक समुदाय है। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के मुताबिक यह खूनखराबा 25 अगस्त और 26 अगस्त 2026 के बीच कर्दूद और अबू हमामा के इलाकों में अंजाम दिया गया था, जिससे आम लोगों में भारी डर का माहौल बन गया है।

विद्रोही गुट पर लगे हमले के गंभीर आरोप

सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इस बड़े हमले के लिए सीधे तौर पर सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ यानी SPLM-N के लड़ाकों को जिम्मेदार ठहराया है। आपको बता दें कि यह एक विद्रोही गुट है जो इस समय अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेस यानी आरएसएफ के साथ मिला हुआ है। डॉक्टरों के संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि आम नागरिकों को उनकी जाति के आधार पर निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह लड़ाई एक बड़े जातीय संघर्ष में बदल सकती है। इस संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस विद्रोही गुट के नेताओं पर दबाव बनाएं ताकि आम जनता पर हमले रोके जा सकें और पीड़ितों तक तुरंत राहत सामग्री पहुंचाई जा सके। हालांकि 26 अगस्त तक इस विद्रोही गुट की तरफ से इन गंभीर आरोपों पर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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शांति के आदेश के बावजूद जारी रही हिंसा

इस खूनी संघर्ष की वजह से वहां के स्थानीय लोगों को अपना घर-बार छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है। डरे हुए परिवार सुरक्षित जगहों की तलाश में अबू हितन इलाके और कदोगली शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा हमला एक ऐसे समय पर हुआ जब 21 अगस्त 2026 को ही SPLM-N के चेयरमैन अब्देलअजीज अल-हिलू ने नुबा पर्वत में तुरंत लड़ाई रोकने का आदेश दिया था। यह आदेश आरएसएफ समर्थित उस पहल के समर्थन में दिया गया था जिसका मकसद जातीय तनाव को शांत करना था लेकिन जमीन पर हालात बिल्कुल उलट नजर आए।

सूडान के गृहयुद्ध का काला सच

यह ताजा हिंसा सूडान में चल रहे उस भयानक गृहयुद्ध का हिस्सा है जो अप्रैल 2023 से लगातार जारी है और देश को बर्बादी की तरफ धकेल रहा है। 24 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने सुरक्षा परिषद के सामने साफ किया था कि देश में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और अपहरण तथा यौन हिंसा जैसी डरावनी घटनाओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। सूडान के मानव संसाधन और सामाजिक कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक बच्चों के खिलाफ संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा के 224 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि दक्षिण कोरडोफन में आरएसएफ के सैन्य कमांडर जनरल अब्देलरहमान हसन हिलाल ने 22 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति यानी ICRC द्वारा आयोजित मानवीय कानून पर एक प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा लिया था, लेकिन उसके बाद भी इस तरह के हमलों का होना यह सवाल खड़े करता है कि वहां सक्रिय सशस्त्र समूह अंतरराष्ट्रीय नियमों का कितना पालन कर रहे हैं।

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