Syria Court Update: सीरिया की अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई को सुनाई मौत की सजा, भगोड़ा घोषित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पकड़ने का आदेश.

Praggya Singh sabal11 August 20262 min read80 viewsWorld
Syria Court Update: सीरिया की अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई को सुनाई मौत की सजा, भगोड़ा घोषित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पकड़ने का आदेश.

सीरिया की राजधानी दमिश्क की एक अदालत ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को देश के पूर्व राष्ट्रपति Bashar al-Assad और उनके भाई Maher al-Assad को अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई है। दमिश्क की चौथी आपराधिक अदालत ने दोनों भाइयों को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया, जिसमें हत्या, यातना और मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में रखना शामिल है। यह पूरा मामला साल 2011 में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार द्वारा किए गए दमन से जुड़ा हुआ है। अदालत ने इस फैसले को लागू करने के लिए दोनों भाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खोजबीन करने का आदेश भी जारी किया है।

ट्रायल और कानूनी कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया

इस बड़े मुकदमे की शुरुआत 26 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसके बाद 4 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों ने अदालत से आरोपियों के लिए मौत की सजा सहित अधिकतम दंड की मांग की थी। न्यायाधीश Fakhr al-Din al-Aryan द्वारा सुनाए गए इस फैसले में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया कि कैसे बशर अल-असद ने युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया था। अदालत में सिर्फ असद बंधुओं पर ही शिकंजा नहीं कसा गया, बल्कि उनके साथ पूर्व सुरक्षा अधिकारी और बशर अल-असद के ममेरे भाई Atef Najib को भी व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किया गया। दारा में राजनीतिक सुरक्षा शाखा के पूर्व प्रमुख रहे आतिफ नजीब को भी इन्हीं जैसे गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई गई है, साथ ही कई अन्य पूर्व अधिकारियों को भी सजा मिली है।

असद परिवार के शासन के पतन के बाद पहली बड़ी सजा

दमिश्क अदालत का यह फैसला पांच दशकों तक चले असद परिवार के शासन के दिसंबर 2024 में अंत होने के बाद बशर अल-असद और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ आया पहला बड़ा कानूनी फैसला है। विद्रोही ताकतों के आक्रमण के बाद जब उनकी सरकार पूरी तरह गिर गई, तब असद बंधु देश छोड़कर रूस के मॉस्को शहर भाग गए थे। वर्तमान में सीरिया के नए शासकों ने रूस की सरकार से आधिकारिक तौर पर दोनों भाइयों के प्रत्यर्पण की मांग की है। इस ताजा अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी आदेश से उनके खिलाफ चल रही कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया और ज्यादा तेज हो गई है, जिसमें इससे पहले फ्रांस द्वारा नवंबर 2023 में जारी अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट और सितंबर 2025 में उसे दोबारा जारी करना भी शामिल है, जो रासायनिक हमलों और पत्रकारों की मौत के मामलों में उनकी कथित संलिप्तता से जुड़ा हुआ है।

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