सीरिया का बड़ा फैसला, पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा, अदालत ने माना मानवता के दुश्मन.

सीरिया की राजधानी दमिश्क से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश की एक अदालत ने मंगलवार को सत्ता से हटाए गए पूर्व शासक बशर अल-असद और उनके कई पूर्व सैन्य अधिकारियों को मौत की सजा सुना दी है। अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सभी दोषियों को जानबूझकर हत्या करने, लोगों को यातना देने, मनमाने तरीके से जेल में रखने और मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध करने का दोषी ठहराया है। सीरिया में हुए इस बड़े कानूनी कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और पीड़ितों के परिवारों को इंसाफ मिलने की उम्मीद बंध गई है।
अदालत की कार्यवाही और सरकारी एजेंसियों की जानकारी
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सना और तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई की अध्यक्षता जज फखर अल-दीन अल-आर्यन ने की थी। अदालत की इस पूरी कार्यवाही के दौरान रिपब्लिक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के सलाहकार जज हसन अल-तुर्बा, ट्रांजिशनल जस्टिस के लिए राष्ट्रीय आयोग के प्रमुख अब्दुल बासित अब्दुल लतीफ और आयोग के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद रहे। इस दौरान कोर्ट रूम में पीड़ितों के परिवारों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय कानूनी और मानवीय संगठनों के प्रतिनिधि भी पूरी प्रक्रिया को देखने के लिए शामिल हुए थे।
पूर्व राष्ट्रपति की सीधी भूमिका आई सामने
सुनवाई के दौरान जज फखर अल-दीन अल-आर्यन ने साफ तौर पर कहा कि अदालत ने बशर अल-असद को मानवता के खिलाफ हुए अपराधों समेत कई अन्य गंभीर मामलों में पूरी तरह दोषी पाया है। उनके अनुसार, जब सीरिया में असद का शासन था तब वह सबसे ऊंचे पद पर बैठकर फैसले लेने वाले मुख्य व्यक्ति हुआ करते थे और उन्होंने ही उन सभी सरकारी संस्थाओं को सीधे तौर पर निर्देश दिए थे जो इन तमाम जघन्य अपराधों में शामिल थीं। अदालत ने यह भी पाया कि इन लोगों ने मिलकर बहुत से बेकसूर लोगों की जानबूझकर और सोच-समझकर हत्याएं कीं और लोगों को ऐसी दर्दनाक यातनाएं दीं जिनकी वजह से कई लोगों की मौत हो गई।
अन्य अधिकारियों पर भी गिरा गाज
सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं बल्कि अदालत ने उनके परिवार के करीबी और पूर्व सुरक्षा अधिकारी आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई है। आपको बता दें कि आतिफ नजीब बशर अल-असद के चचेरे भाई हैं और वह पहले दारा शहर में राजनीतिक सुरक्षा प्रमुख के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। यह वही दारा शहर है जो साल 2011 में सीरिया में उठे सरकार विरोधी आंदोलन का मुख्य केंद्र बना था और यहीं पर सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के बाद विरोध प्रदर्शन की यह आग देश के बाकी हिस्सों तक फैल गई थी। इसके अलावा अदालत ने भगोड़े माहेर हाफिज अल-असद समेत सात अन्य पूर्व अधिकारियों को भी मौत की सजा सुनाए जाने का ऐलान किया है, जिनमें फहद जसीम अल-फरेज, मोहम्मद अयमन अयौश, लुई अली अल-अली, कुसाई इब्राहिम महयूब, वाफिक सालेह नासेर और तलाल फारेस अल-अयसामी जैसे नाम शामिल हैं।
न्याय की दिशा में एक अहम कदम
ट्रांजिशनल जस्टिस के लिए राष्ट्रीय आयोग के प्रमुख अब्दुल बासित अब्दुल लतीफ ने आतिफ नजीब और अन्य के मामले में आए इस फैसले को न्याय की राह में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला पीड़ितों के छीने गए अधिकारों को वापस दिलाने और देश में कानून के शासन को दोबारा मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी था। सीरिया में जब से सत्ता में बदलाव आया है, तभी से पुराने शासन के दौरान आम जनता पर हुए अत्याचारों और जुल्मों के लिए लोगों की जवाबदेही तय करने का सिलसिला लगातार जारी है और अदालत का यह नया फैसला इसी पूरी प्रक्रिया का सबसे बड़ा और अहम हिस्सा माना जा रहा है।