Syria में इसराइली हमले पर मचा बवाल, सीरियाई मंत्री ने बताया सरासर आक्रामकता.

सीरियाई विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को अबू अल-धुहूर एयरबेस पर हुए इसराइली हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले को सीरिया की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और खुली इसराइली आक्रामकता बताया गया है। मंत्री ने उन इसराइली दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि इस बेस पर तुर्की की सैन्य मौजूदगी की तैयारी चल रही थी। उन्होंने साफ किया कि सीरिया ने इस संबंध में पहले ही इसराइल को बता दिया था कि ऐसी कोई योजना नहीं है।
घटना की पूरी जानकारी और आधिकारिक बयान
मंत्री ने यह जरूर माना कि तुर्की के अधिकारी ट्रेनिंग और सैन्य सहयोग के सिलसिले में इस जगह पर आए थे। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले के वक्त एयरबेस पूरी तरह खाली था, उसका पूरा पुनर्निर्माण नहीं हुआ था और वह चालू हालत में नहीं था। दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को इस सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इसराइल ने सीरिया को तुर्की की तैनाती की अनुमति देने के खिलाफ पहले ही चेतावनी दी थी। इसराइली प्रधानमंत्री के अनुसार सीरिया सुरक्षा संतुलन को तोड़ने के करीब था और उनके संदेश को ठीक से समझा नहीं गया। इसके बाद इसराइली सैन्य प्रमुख Eyal Zamir ने दक्षिणी सीरिया का दौरा किया और सीमा के पास स्थिति बिगाड़ने वाली ताकतों को कड़ी चेतावनी दी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और नुकसान का विवरण
इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन रनवे और हैंगर को काफी नुकसान पहुंचा है। यह हमला 14 अगस्त 2026 को Asaad al-Shaibani और मोसाद प्रमुख Roman Gofman के बीच हुई एक दुर्लभ फोन कॉल के बाद हुआ था। तुर्की ने इन सभी आरोपों को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय और संचार निदेशालय ने इसराइली दावों को मनगढ़ंत बहाना बताया और इसराइल पर विस्तारवादी और अस्थिर करने वाली नीतियां अपनाने का आरोप मढ़ा। अमेरिका के सीरिया के लिए विशेष दूत Tom Barrack ने इस हमले को अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया और कहा कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता कमजोर होती है। उन्होंने जानकारी दी कि वाशिंगटन इस समय एक त्रिपक्षीय डिफ्लिक्शन मैकेनिज्म बनाने पर काम कर रहा है और राष्ट्रपति Donald Trump को इस स्थिति से पूरी तरह अवगत करा दिया गया है। इसराइल के विपक्षी नेता Yair Golan ने भी 20 अगस्त 2026 को इस हमले को भड़काने वाला और खतरनाक बताया। सीरिया ने इस हमले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और 1974 के डिस्इंगेजमेंट समझौते का पालन करने की मांग की है।