Damascus Citadel में सीरियाई सेना का अनोखा अंदाज, हेलीकॉप्टर से गिराए गए गुलाब के फूल.

सीरिया की राजधानी दमिश्क में एक बहुत ही खास और ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहां सीरियाई सेना के हेलीकॉप्टरों ने 16 अगस्त 2026 को दमिश्क सिटाडेल के ऊपर से आसमान से नीचे गुलाब के फूलों की बारिश की। यह प्रतीकात्मक और खूबसूरत कदम समर सीरिया फेस्टिवल 2026 के दौरान उठाया गया, जिसे देश भर में लोगों के बीच खुशियां बांटने और सांस्कृतिक जगहों को फिर से आबाद करने के लिए शुरू किया गया है। इस आयोजन के पीछे संस्कृति मंत्रालय की मुख्य भूमिका है, जिसका मकसद देश में लंबे समय तक चले गृहयुद्ध और साल 2024 के आखिर में असद शासन के पतन के बाद सामाजिक जीवन को पटरी पर लाना और पुराने माहौल को सुधारना है।
त्योहार का माहौल और पुरानी यादों से मुक्ति
इस फेस्टिवल में शामिल होने वाले आम लोगों ने बताया कि यह आयोजन उनके लिए किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है और इससे उन्हें मानसिक सुकून मिला। लोगों का कहना था कि यह नजारा उन पुराने दिनों के बिल्कुल उलट था जब युद्ध के दौरान इन्हीं सैन्य विमानों से बमबारी की जाती थी और हर तरफ डर का माहौल रहता था। अगस्त महीने की शुरुआत से शुरू हुआ यह सांस्कृतिक उत्सव देश में नई उम्मीद जगा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत फ्रांस से वापस लाई गई ऐतिहासिक चीजों की एक खास प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
फ्रांस से वापस लाई गईं ऐतिहासिक चीजें
इस प्रदर्शनी में रोमन काल की बहुमूल्य वस्तुएं और पलमीरा की वे समाधि मूर्तियां शामिल हैं जिन्हें आज से एक दशक पहले देश से चुपचाप तस्करी करके बाहर ले जाया गया था। लातकिया कल्चर डायरेक्टर डॉ. अहमद श्रैिकी ने इस बात पर जोर दिया कि इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा इस तरह से तैयार की गई है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, रचनात्मक और बेहतर माहौल तैयार किया जा सके। दमिश्क सिटाडेल एक बार फिर से सार्वजनिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विरासत का जश्न
फेस्टिवल के दौरान कई तरह की कलात्मक प्रस्तुतियां भी देखने को मिल रही हैं, जिसमें प्रसिद्ध गायक वस्फी मसारानी के कार्यक्रम भी शामिल हैं। इन सभी आयोजनों का मुख्य उद्देश्य सीरिया की प्राचीन और समृद्ध विरासत का जश्न मनाना है। आम नागरिक इस उत्सव में खुलकर हिस्सा ले रहे हैं और सरकार की इस पहल से देश की सांस्कृतिक पहचान को बचाने में काफी मदद मिल रही है। युद्ध की विभीषिका झेल चुके आम लोगों के लिए यह उत्सव राहत की सांस की तरह है।