Lebanon ने सीरिया के पूर्व बड़े जनरल आदेल इस्सा को किया हवाले, दिसंबर 2024 के बाद पहला बड़ा मामला.

सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि लेबनान के अधिकारियों ने उन्हें पूर्व मेजर जनरल आदेल इस्सा को सौंप दिया है। यह पूरी प्रक्रिया 19 अगस्त 2026 को पूरी हुई, जिसके बाद उन्हें सीरिया लाया गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 67 साल के आदेल इस्सा पहले सीरिया की पुरानी सरकार में 17वीं डिवीजन के कमांडर रह चुके हैं और साथ ही वह दिर एज़-ज़ोर इलाके में ग्राउंड फोर्सेस के लीडर भी थे। साल 2016 में वह अपनी नौकरी से रिटायर हो गए थे। जब से दिसंबर 2024 में पुरानी सीरियाई सरकार गिरी है, तब से लेकर अब तक लेबनान द्वारा सीरिया के किसी बड़े और हाई-रैंक अधिकारी को वापस भेजने का यह अपने आप में पहला मामला है।
लेबनान और सीरिया के बीच न्यायिक समझौते के तहत हुई कार्रवाई
यह पूरा कानूनी और प्रशासनिक ट्रांसफर लेबनान के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर जज अहमद रमी अल-हज्जा की मंजूरी के बाद तय हुआ था, जिन्होंने 18 अगस्त 2026 को इस पर मुहर लगाई थी। उन्होंने दोनों देशों के बीच साल 1951 में हुए पुराने न्यायिक समझौते का हवाला देते हुए इस ट्रांसफर को हरी झंडी दिखाई। इस मामले की कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत 7 अगस्त 2026 को हुई थी, जब आदेल इस्सा बेरूत स्थित सीरियाई दूतावास गए थे और वहीं लेबनान के अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उन्हें न्याय पैलेस में रखा गया और फिर 14 अगस्त 2026 को एक जांच जज ने उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उन पर जानबूझकर हत्या करने, प्रताड़ित करने के दौरान मौत होने की वजह बनने और देश में आपसी तनाव तथा गृहयुद्ध भड़काने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
लेबनान की हिरासत में इस्सा के इनकार और शरण लेने की कोशिशें
जब आदेल इस्सा लेबनान की हिरासत में थे, तब उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया था। उनका कहना था कि वह सिर्फ एक सामान्य सैन्य अधिकारी थे और अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रहे थे। उन्होंने यह भी माना कि दिसंबर 2024 में सीरिया की सरकार गिरने के बाद वह गैरकानूनी तरीके से छिपकर लेबनान में दाखिल हुए थे। ऐसी भी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि गिरफ्तारी से बचने और सीरिया वापस भेजे जाने से रोकने के लिए उन्होंने लेबनान में शरण लेने की कोशिश की थी, ताकि उन्हें देश निकाला न झेलना पड़े। लेकिन लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कथित तौर पर सीरियाई पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस की तरफ से आई इस मांग को तेजी से पूरा करने के लिए शरण मामलों की सामान्य कमेटियों और प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया और इस हैंडओवर को जल्दबाजी में पूरा किया।
सीरियाई सीमा पर हुआ स्वागत और अब आगे क्या होगा
सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने इस बात की पुख्ता जानकारी दी है कि आदेल इस्सा को लेबनान और सीरिया की सीमा पर एक विशेष सुरक्षा समिति ने रिसीव किया है। सीमा पर औपचारिक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें सीरिया की धरती पर लाया गया। अब इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले को दमिश्क के चौथे रेफरल जज के सामने पेश कर दिया गया है। आने वाले दिनों में इस केस को आगे की कानूनी कार्रवाई और सुनवाई के लिए दमिश्क क्रिमिनल कोर्ट में भेजे जाने की पूरी संभावना है, जहां उन पर तयशुदा कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा।