अमेरिका ने डिफेंस इंडस्ट्री को दिया कड़ा आदेश, ईरान युद्ध के बीच हथियारों का उत्पादन तेज करने को कहा.

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी रक्षा उद्योग को हथियारों का उत्पादन और डिलीवरी तेजी से बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह कदम ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच हथियारों की भारी कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। पेंटागन के एक आंतरिक मेमो से यह जानकारी सामने आई है जो 8 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुआ था। इस निर्देश के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने हथियार बनाने वाली कंपनियों को साफ कह दिया है कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार करें और रक्षा भंडार को जल्द से जल्द भरें।
डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर का सख्त निर्देश और समयसीमा
डिप्टी डिफेंस सेक्रेटी Steve Feinberg ने बुधवार को एक मेमो जारी किया। इसमें उन्होंने सभी डिफेंस कंपनियों के लीडर्स को 21 दिन के भीतर अपनी योजना जमा करने को कहा। मेमो में स्पष्ट किया गया कि कंपनियों को बहुत तेजी से और आक्रामक तरीके से हथियारों की डिलीवरी करनी होगी। साथ ही यह भी कहा गया कि हथियारों को तैयार करने में सालों का समय लगाने वाला पुराना तरीका अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह पूरी सख्ती उस समय देखने को मिल रही है जब अमेरिका में युद्ध सामग्री की भारी किल्लत महसूस हो रही है।
युद्ध के शुरुआती दिनों में हथियारों की भारी खपत
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के साथ युद्ध के पहले ही महीने में अमेरिकी सेना ने भारी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल किया है। पहले महीने में 850 से ज्यादा Tomahawk क्रूज मिसाइलें, 1,000 से ज्यादा Patriot और THAAD इंटरसेप्टर, और 1,300 से अधिक Army tactical ballistic missiles दागी जा चुकी हैं। CSIS के एक विश्लेषण के अनुसार, अगस्त 2026 की शुरुआत तक ग्लोबल मार्केट में Patriot मिसाइलों का स्टॉक 2,200 से घटकर 827 से भी कम रह गया। वहीं THAAD मिसाइलों की संख्या 452 से गिरकर 278 से भी नीचे आ गई।
राष्ट्रपति ट्रंप का अलग बयान और कंपनियों के साथ बैठक
इन रिपोर्टों के विपरीत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीरवार को Truth Social पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास हथियारों का बहुत बड़ा भंडार यानी massive amounts मौजूद है और जरूरत के हिसाब से उनका निर्माण और शिपिंग लगातार जारी है। इससे पहले जुलाई के आखिर में व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ Susie Wiles और डिफेंस सेक्रेटी Pete Hegseth ने रक्षा ठेकेदारों और सिलिकॉन वैली के हथियार स्टार्टअप्स के साथ बैठक की थी। इस बैठक में मिलिट्री फंडिंग और प्रोडक्शन की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। पेंटागन ने कांग्रेस से फंड मिलने की शर्त पर कई बड़ी कंपनियों के साथ नए फ्रेमवर्क समझौते भी किए हैं ताकि कम लागत वाले हथियारों और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की सप्लाई बढ़ाई जा सके।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान का बड़ा बयान
इस पूरे मामले में भू-राजनीतिक स्थिति तब और जटिल हो गई जब ईरानी सुरक्षा अधिकारी Mohammad Bagher Zolghadr ने शनिवार, 8 अगस्त 2026 को घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तब तक बंद रहेगा जब तक ट्रंप प्रशासन उनकी मांगें नहीं मान लेता। ईरान की मांगों में नौसेना की नाकाबंदी हटाना, प्रतिबंध समाप्त करना, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को जारी करना, ईरान में युद्ध को खत्म करना और नुकसान के बदले मुआवजा देना शामिल है। इन सभी घटनाक्रमों से साफ है कि आने वाले दिनों में रक्षा क्षेत्र में उत्पादन और कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल काफी तेज रहने वाली है।