ईरान पर हमले के फैसले को ट्रंप ने लिया वापस, होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु मुद्दे पर बातचीत की उम्मीद

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार था, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने इस कार्रवाई को रोकने का फैसला किया। ट्रंप के अनुसार, यह निर्णय शांति और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था, जिसके पीछे एक संभावित समझौते की रूपरेखा तैयार होना मुख्य कारण था।
क्या है पूरा मामला और क्या समझौते की बात
रूस की समाचार एजेंसी RT और तुर्किए की Anadolu Agency के अनुसार, Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Truth Social' पर इस बात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित समझौते का मुख्य लक्ष्य Hormuz Strait (होर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पैदा होने वाले खतरों को जड़ से खत्म करना था। ट्रंप ने दावा किया कि यह फैसला ईरान और कुछ अन्य मध्य-पूर्वी देशों के विशेष अनुरोध पर लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में Israel अमेरिका के साथ मजबूती से खड़ा है।
ईरान ने दावों को किया खारिज
हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया गया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने या किसी अन्य समझौते को लेकर अब तक कोई सहमति नहीं बनी है। ईरानी सूत्रों का कहना है कि जब तक अमेरिका की तरफ से शत्रुतापूर्ण रवैया और पाबंदियां जारी रहेंगी, तब तक उस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर वर्तमान स्थिति बनी रहेगी। इससे पहले अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि अमेरिका और इजराइल ईरान के बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों जैसे ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
सऊदी अरब और मध्यस्थ देशों की भूमिका
इस पूरे तनाव के दौरान Saudi Arabia ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने ट्रंप से बात की थी और क्षेत्रीय अस्थिरता के साथ-साथ खाड़ी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की थी। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत को लेकर कोई तय तारीख या स्थान घोषित नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Pakistan और Qatar मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों के संपर्क में बने हुए हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि अभी अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है। हालांकि, पर्दे के पीछे तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थों के माध्यम से प्रयास जारी हैं। इसके लिए इस्लामाबाद और दोहा जैसे शहरों पर विचार किया जा रहा है। शुरुआती बातचीत में परमाणु मुद्दे के बजाय युद्धविराम बनाए रखने और क्षेत्रीय सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग है, जहाँ से हर दिन बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है। ऐसे में यहाँ का तनाव सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और वहां काम करने वाले प्रवासियों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।