अमेरिका और कनाडा में छिड़ा ट्रेड वॉर, ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका रखने का किया ऐलान.

अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे व्यापार विवाद ने अब एक नया और हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका लेक ओंटारियो का नाम बदलकर Lake America करने पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि अब वे ओंटारियो के साथ आगे कोई खास व्यापार करने की उम्मीद नहीं रखते हैं, जिसके चलते यह कदम उठाया जा रहा है।
व्यापार वार्ता टूटने के बाद बढ़ा तनाव
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पिछले सप्ताह के अंत में दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता पूरी तरह से टूट गई। इसके बाद अमेरिका ने तुरंत एक्शन लेते हुए सैकड़ों कनाडाई सामानों पर 50% का भारी टैरिफ लगा दिया। इस एकतरफा फैसले से बौखलाए कनाडा ने भी तुरंत पलटवार किया और लगभग $20 billion (बीस अरब डॉलर) मूल्य के अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। दोनों देशों के बीच इस व्यापारिक तनातनी ने अब राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को भी बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
नाम बदलने के रास्ते में कई कानूनी अड़चनें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव को लागू करने में कई तरह की कानूनी और व्यावहारिक मुश्किलें आने वाली हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून समझौते के तहत कोई भी देश आपसी अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्रों के नाम एकतरफा तरीके से नहीं बदल सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2025 में भी एक ऐसा ही कार्यकारी आदेश जारी किया था जिसमें मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर Gulf of America करने का प्रयास किया गया था। इसके अलावा, ओंटारियो प्रांत के भीतर किसी भी भौगोलिक नाम को बदलने के लिए वहां के Ontario Geographic Names Board से समीक्षा करवाना, स्थानीय समुदाय का समर्थन मिलना और मंत्री स्तर की मंजूरी होना बेहद जरूरी है।
राजनीतिक नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने वाशिंगटन पर उनके देश के प्रमुख उद्योगों को पूरी तरह से नष्ट करने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की तरफ से फ्रेंच भाषा के संरक्षण के प्रति पूरी प्रतिबद्धता भी जताई है। ओंटारियो के प्रीमियर Doug Ford ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम पर बहुत कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को एक 'लूज़र' और 'डिक्टेटर' यानी तानाशाह करार दिया और कहा कि वे इन उपायों के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि दोनों पक्षों को दोबारा बातचीत की मेज पर लौटना चाहिए।
कनाडा के अमेरिका के साथ व्यापार के लिए जिम्मेदार मंत्री Dominic LeBlanc ने जानकारी दी कि संघीय सरकार ने कुछ महीने पहले ही यह तय कर लिया था कि वे अमेरिका के रोजाना आने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स का जवाब नहीं देंगे। राजनीतिक रणनीतिकार Jaime Watt ने राष्ट्रपति के इस बर्ताव को एक सीमित खेल योजना बताया और इस स्थिति की तुलना चार साल के बच्चे की जिद से की है।
आगे क्या हो सकता है
नाम बदलने की धमकी के अलावा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले जनवरी महीने से कनाडाई ऑटोमोटिव और स्टील आयात पर नए सिरे से 50% टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दे डाली है। इसके साथ ही उन्होंने कनाडा में फ्रेंच भाषा के इस्तेमाल को लेकर हो रही बहसों में किसी भी तरह के बाहरी दखल के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। फिलहाल दोनों देश व्यापार संबंधों में अचानक आए इस बड़े भूचाल के परिणामों का सामना कर रहे हैं और यह संघर्ष अभी भी लगातार जारी है।