अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बड़ा बयान, कहा ईरान अभी समझौते के लिए तैयार नहीं है

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया कि ईरान अभी के समय में सही समझौता करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान की तरफ से अभी भी किसी तरह का समझौता करने की इच्छा बनी हुई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण है और वहां स्थिति पूरी तरह से उनके हाथ में है। इस बयान के सामने आने से ठीक पहले प्रशासन की तरफ से कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाने का काम तेजी से किया गया था।
ईरान की अर्थव्यवस्था को घेरने के लिए कड़े कदम
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस पूरी रणनीति को दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी समन्वित आर्थिक घेराबंदी करार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करना जारी रखेंगे, उन्हें बहुत भारी आर्थिक दंड भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा देश के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 20 अगस्त 2026 को यह बात कही थी कि तेहरान के खिलाफ नीति में आर्थिक दबाव ही सबसे असरदार हथियार बना हुआ है। अमेरिका की तरफ से हाल ही में एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए गए थे जिसका मुख्य उद्देश्य ईरानी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से अलग-थलग करना था।
ईरान और क्षेत्रीय सहयोगियों की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिका के इन कड़े और बड़े कदमों के जवाब में ईरान के अधिकारियों ने सभी उपायों को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन सभी धमकियों को पूरी तरह से अवैध और अमानवीय बताया। वहीं दूसरी तरफ ईरानी जनरल अली अब्दुल्लाही ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि देश की सेना किसी भी नए खतरे का मुंहतोड़ और करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। देश के भीतर भी राजनीति गरमाई हुई है जहां संसद सदस्य कासिम रावनबख्श ने यह प्रस्ताव रखा है कि देश को परमाणु अप्रसार संधि यानी एनपीटी से बाहर निकल जाना चाहिए। क्षेत्रीय हालात में भी तेजी से बदलाव आ रहे हैं क्योंकि ईरान ने ओमान के साथ एक तरजीही व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।
बगदाद में ईरानी संसद अध्यक्ष का बयान और क्षेत्रीय गतिविधियां
इस बीच ईरान के संसद अध्यक्ष ने बगदाद का दौरा किया जहां उन्होंने ईरानी और इराकी व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने उन सभी कारोबारियों को अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ चल रही लड़ाई में सैनिक और कमांडर बताया। इसके साथ ही हिजबुल्लाह संगठन ने भी एक आधिकारिक बयान जारी करके इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ अपने बेहद करीबी रिश्तों को पूरी तरह से पक्का बताया। संगठन ने यह साफ कर दिया कि अमेरिका की तरफ से उनके ऊपर लगाए गए हालिया प्रतिबंध उनके प्रतिरोध के रास्ते को कभी नहीं रोक पाएंगे। गल्फ देशों के पास रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के लिए इन बदलते हालातों पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता का अंदाजा लगाया जा सके।