अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर Donald Trump का बड़ा बयान, कहा- यह शतरंज के खेल जैसा है

Nura Basta9 August 20262 min read101 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर Donald Trump का बड़ा बयान, कहा- यह शतरंज के खेल जैसा है

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने 9 अगस्त 2026 को ईरान के साथ चल रहे तनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन ईरान के साथ मामलों को सुलझाने के लिए किसी युद्ध की बजाय इसे शतरंज के एक खेल की तरह देख रहा है। इस दौरान उन्होंने शांत रहने और सैन्य संघर्ष की जगह आर्थिक दबाव को बढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया है। इस पूरी स्थिति का असर खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और वहां आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है।

ईरान की आर्थिक स्थिति और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई

पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि आने वाले समय में चीज़ें ठीक हो जाएंगी क्योंकि ऐसा हमेशा से होता आया है। उन्होंने ईरान की आर्थिक हालत को बहुत खराब बताया और कहा कि देश के पास अपने सैनिकों को देने के लिए पैसे तक नहीं बचे हैं। इस बदहाली के पीछे उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को मुख्य वजह बताया। अमेरिकी अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस समय उनका मुख्य ध्यान परमाणु समझौते से ज्यादा होरमुज जलडमरूमध्य को फिर से जहाजों के आने-जाने के लिए खोलने पर है। इस मामले को लेकर ओमान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक कोई पक्की सहमति नहीं बन पाई है।

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होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की शर्तें

इससे पहले 8 अगस्त 2026 को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रतिनिधि Mohammad Baqer Dhu al-Qadr ने होरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अपनी कुछ कड़ी शर्तें रखी थीं। इन शर्तों में अमेरिका से किसी भी तरह की धमकी न देने, दुश्मनी खत्म करने, नौसेना की नाकाबंदी हटाने और क्षेत्र से अपनी सेना पूरी तरह हटाने की मांग की गई थी। इसके साथ ही युद्ध का पूरा मुआवजा देने, सभी प्रतिबंधों को हटाने और ईरान के रोके गए फंड को तुरंत बहाल करने की बात कही गई थी। इन मांगों पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि जीत हासिल किए बिना युद्ध के मुनाफे की मांग नहीं की जा सकती है।

खाड़ी देशों में सुरक्षा और क्षेत्रीय समझौते

क्षेत्रीय हालात पर नजर डालें तो इस साल अप्रैल में हुए युद्धविराम का सऊदी अरब ने स्वागत किया था। इसके अलावा सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक नए रक्षा समझौते का ऐलान भी किया गया है। कई जानकारों का मानना है कि यह समझौता ईरान के लिए एक कड़ा संदेश हो सकता है। ईरान के अंदर भी इन हालात को लेकर सरकार के भीतर कुछ मामलों पर आपसी मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत सफल होती है तो तेहरान के साथ चल रहे मौजूदा युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

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