होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र बनाने पर अड़े डोनाल्ड ट्रंप, ईरान ने दो टूक कहा यह असंभव

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका का क्षेत्र घोषित करने का पूरा इरादा रखते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के माहौल में उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी स्थित नासाउ काउंटी पुलिस अकादमी में एक कार्यक्रम के दौरान कही। राष्ट्रपति ट्रंप ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए यह साफ किया कि यह भू-राजनीतिक कदम तेहरान के पूरी तरह से सैन्य समर्पण के बाद उठाया जाएगा। इस पूरी घोषणा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
ट्रंप का सख्त रुख और ईरानी अधिकारियों का जवाब
वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क और अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को बुरी तरह हराने के बाद वे जल्द ही इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को अमेरिका का हिस्सा घोषित कर देंगे। उनका यह भी कहना था कि अमेरिकी नौसेना की सख्त नाकाबंदी यह तय करती है कि वाशिंगटन की बिना अनुमति के कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर पाएगा। यह बयान जुलाई के अंत में अप्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत के विफल होने के बाद सामने आया है। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेशमंत्री काजेम ग़रीबाबादी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह से असंभव है और तेहरान अमेरिका की किसी भी धमकी या सैन्य कार्रवाई से डरने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस जलमार्ग का खुला या बंद होना पूरी तरह से ईरान के अधिकार क्षेत्र में आता है और जब तक अमेरिका हार नहीं मानता, तब तक यह स्थिति बनी रहेगी।
समझौतों का विवाद और सैन्य स्थिति
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस मामले पर बात करते हुए बताया कि पहले हुए समझौतों का मकसद युद्ध को पूरी तरह समाप्त करना था, न कि केवल युद्धविराम लागू करना। उनके अनुसार अमेरिका ने इस समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके कारण लड़ाई दोबारा शुरू हो गई और 60 दिन के युद्धविराम को आगे बढ़ाने का अब कोई मतलब नहीं बनता है। इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नवनियुक्त कमांडर मेजर जनरल अहमद वाहिदी ने दावा किया कि ईरान ने दुनिया की सबसे ताकतवर अमेरिकी सेना को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में शुक्रवार शाम एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से एक बल्क कैरियर जहाज पर हमला हुआ, हालांकि गनीमत यह रही कि चालक दल का कोई भी सदस्य इस घटना में हताहत नहीं हुआ।
समुद्री यातायात पर असर
ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान ने अमेरिकी नौसेना की पूर्ण नाकाबंदी के दावों को पूरी तरह से मनगढ़ंत बताया है। इसके बावजूद, समुद्री एनालिटिक्स फर्मों के जहाज ट्रैकिंग डेटा से यह बात सामने आई है कि दोनों देशों के बीच जारी इस सैन्य टकराव के कारण जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर युद्ध से पहले के स्तर की मात्र 20 फीसद पर आ गई है। इस स्थिति का असर उन तमाम जहाजों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है जो इस महत्वपूर्ण रास्ते का उपयोग करते हैं।