ईरान-अमेरिका युद्ध पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले मिसाइल और हथियार भरपूर हैं, खबरों को बताया फर्जी.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध पूरी तरह से नियंत्रण में है और उनकी सेना मजबूती से आगे बढ़ रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका के पास हथियारों की भारी कमी हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के पास massive amounts यानी हथियारों का भारी जखीरा मौजूद है।
हथियारों की किल्लत की खबरों पर क्या बोले राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ लहजे में कहा कि सैन्य साजो-सामान का निर्माण तेजी से हो रहा है और उन्हें लगातार युद्ध क्षेत्र में भेजा जा रहा है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सेना के हथियारों के स्टॉक के बारे में कोई भी जानकारी लीक की गई, तो दोषियों को long term jail sentences यानी लंबी जेल की सजा भुगती होगी। उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए इन रिपोर्टों को treasonous statements या देशद्रोही बयान करार दिया।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने इन तमाम दावों को 100% fake news बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को रक्षा सचिव Pete Hegseth पर पूरा भरोसा है। पेंटागन के प्रवक्ता Sean Parnell ने भी इन बातों की पुष्टि की और कहा कि सचिव हेगसेथ ने किसी को भी गुमराह नहीं किया है। यह स्पष्टीकरण इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि हाल ही में कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक में ट्रंप के नाराजगी जाहिर करने की खबरें सामने आई थीं, जिसमें मिसाइलों की कथित कमी पर चर्चा हुई थी।
जमीनी हकीकत और अंतरराष्ट्रीय असर
दूसरी तरफ, CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना ने अपने 80% THAAD इंटरसेप्टर्स, 50% पैट्रियट इंटरसेप्टर्स और लगभग सभी ATACMS और PrSM मिसाइलें इस पांच महीने के युद्ध में इस्तेमाल कर ली हैं। वहीं, ईरान ने इन बातों से इनकार किया है। ईरान की ओर से कहा गया कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की कोई डील पर बातचीत नहीं चल रही है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह भी साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका और इजराइल के पास परमाणु हथियार रहेंगे, वे भी अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखेंगे।
ओमान के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की चर्चाओं के बीच, ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने स्पष्ट किया कि केवल यातायात प्रबंधन के नियम तय हो सकते हैं, लेकिन पूरा रास्ता तभी खुलेगा जब अमेरिका अपना नाकाबंदी खत्म करेगा। इस तनाव का सीधा असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ा है। अनिश्चितता के माहौल के बीच गुरुवार को Brent crude oil की कीमतों में लगभग 4% की तेजी दर्ज की गई, जिससे वैश्विक बाजार में हलचल बढ़ गई है।