अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत से किया साफ इंकार, ट्रंप बोले- बिना शर्त करना होगा आत्मसमर्पण

Nura Basta18 August 20263 min read69 viewsWorld
अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत से किया साफ इंकार, ट्रंप बोले- बिना शर्त करना होगा आत्मसमर्पण

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि ईरान के साथ अब किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं चल रही है और न ही भविष्य में ऐसी कोई योजना है। यह बड़ा ऐलान उस समय सामने आया जब 17 अगस्त 2026 को 60 दिन का समझौता यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग खत्म हो गया। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य शांति समझौता करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देना था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य यह पक्का करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न आ पाए। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस संघर्ष को जल्दबाजी में खत्म करने के मूड में नहीं हैं और ईरान को उनकी शर्तें मानने के लिए सफेद झंडा दिखाकर सरेंडर कर देना चाहिए।

व्हाइट हाउस और ईरान के अधिकारियों के बीच बयानबाजी तेज

व्हाइट हाउस के सलाहकार Jared Kushner ने 18 अगस्त को मीडिया को बताया कि तेहरान ने किसी भी समझदारी भरे समझौते में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन का पूरा ध्यान ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने पर ही है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि 60 दिन वाला यह समझौता कभी पूरी तरह लागू ही नहीं हुआ था क्योंकि अमेरिका लगातार सैन्य हमले कर रहा था और समझौते का उल्लंघन कर रहा था। इसके अलावा, ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने ऐलान किया कि जब तक अमेरिका समुद्री नाकाबंदी नहीं हटाता, प्रतिबंध खत्म नहीं करता और ईरान के जमे हुए पैसे वापस नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद ही रहेगा। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आने वाले हफ्तों में इनकी मांगें नहीं मानीं, तो तेहरान पूरी तरह से आक्रामक रुख अपनाने के लिए तैयार है जिससे इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और ओमान के साथ नया समझौता

क्षेत्रीय अशांति उस समय और बढ़ गई जब 18 अगस्त को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज के इंजन रूम में किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हो गया। इस घटना में एक क्रू मेंबर की मौत हो गई। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि उसने भविष्य के शिपिंग रूट को लेकर ओमान के साथ एक नया समझौता किया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी कि अमेरिका समुद्री नाकाबंदी के जरिए इस जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण रखता है। उन्होंने यह धमकी भी दी कि अगर ओमान ने इस रास्ते को फिर से खोलने के अमेरिकी प्रयासों में कोई रुकावट डाली, तो अमेरिका उस पर बमबारी कर सकता है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि वह इस जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने के विचार के पक्ष में हैं।

इराक और सऊदी अरब तक फैली हिंसा

क्षेत्र के बाकी हिस्सों में भी हालात काफी तनावपूर्ण बने रहे। इराक में कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने प्रधानमंत्री कार्यालय और खुफिया प्रमुख के घर पर ड्रोन हमले किए हैं। हालांकि, तेहरान ने इन सभी आरोपों को एक झूठा नाटक करार देते हुए खारिज कर दिया। कुर्दिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों के एक गोदाम में हुए धमाके में 18 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाज़ान शहर में एक तेल रिफायनरी को निशाना बनाया। इन बढ़ते तनावों के बीच तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से अपील की कि वे ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी रखें और शांति प्रयासों के लिए अंकारा की तरफ से मदद की पेशकश भी की।

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