Strait of Hormuz: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान से मचा हड़कंप, ईरान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया.

खाड़ी देशों में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने 15 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करना चाहते हैं। हालांकि बाद में व्हाइट हाउस ने इसे सिर्फ एक मजाक बताया, लेकिन इस बयान से कूटनीतिक स्तर पर खलबली मच गई। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नेतृत्व में नौकाओं की आवाजाही पर रोक लगी हुई है और समुद्री इलाके में लगातार तनाव बना हुआ है।
ईरान का कड़ा ऐतराज और ओमान के साथ समझौता
अमेरिका के इस दावे पर ईरान ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने साफ शब्दों में कहा कि यह जलमार्ग पूरी तरह से ईरानी संप्रभुता और नियंत्रण के अधीन है। इस बीच, सैन्य गतिरोध के बीच ईरान ने ओमान के साथ शिपिंग रूट मैप को लेकर एक तकनीकी समझौता किया है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने यह स्पष्ट कर दिया कि इन समझौतों का होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के मुख्य मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। ईरान का कहना है कि रास्ता तभी खुलेगा जब अमेरिका अपनी पाबंदियां पूरी तरह खत्म करेगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
इस जलमार्ग पर हालात तब और बिगड़ गए जब संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने एक ADNOC पोत पर हुए हमले का जिक्र किया। यूएई के अधिकारियों के मुताबिक, इस हफ्ते यह तीसरी ऐसी खतरनाक घटना है। अंतरराष्ट्रीय जानकारों का कहना है कि दोनों देशों द्वारा यूएनसीएलओएस यानी समुद्री कानून संधि की पुष्टि न किए जाने से इस रास्ते की कानूनी स्थिति और जटिल हो गई है। वहीं, तुर्किए ने इस जलमार्ग तक पहुंच को दोबारा बहाल करने को अपनी एक बड़ी रणनीतिक प्राथमिकता बताया है। इस पूरे घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के मन में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।