सीरिया के भविष्य को लेकर आमने-सामने आए Turkey और Israel, अमेरिका कर रहा है बीच-बचाव.

Aanya25 August 20263 min read70 viewsWorld
सीरिया के भविष्य को लेकर आमने-सामने आए Turkey और Israel, अमेरिका कर रहा है बीच-बचाव.

सीरिया की भविष्य की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर Turkey और Israel के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों की सोच में बहुत बड़ा अंतर है, जहां एक तरफ तुर्की सीरिया को मजबूत और सुरक्षित देखना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ इसराइल सीरिया को कमजोर और विभाजित रखना चाहता है। इस तनातनी के बीच हाल ही में दोनों देशों के बीच सीधी तकरार देखने को मिली है, जिससे पूरे इलाके में खलबली मच गई है।

अल अ particularmente दुर एयरबेस पर हुआ हमला

विश्लेषक Galip Dalay ने अल जजीरा ओपिनियन में अपने लेख में इस बात का जिक्र किया है कि दोनों देशों की नीतियां एक दूसरे से बिल्कुल उलट हैं। तुर्की चाहता है कि सीरिया में एक मजबूत सरकार हो जो अपनी सेना को संभाल सके और शरणार्थियों की वापसी ठीक से हो सके। वहीं इसराइल का मानना है कि सीरिया का कमजोर रहना ही उसके हित में है। यह विवाद तब और गहरा गया जब 18 अगस्त 2026 को इसराइल ने सीरिया के Abu al-Duhur एयरबेस पर खतरनाक हवाई हमला कर दिया। इस हमले के बाद से हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

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इसराइल और तुर्की के बीच बयानों का दौर

इसराइली अधिकारियों ने इस मामले पर कड़ी चेतावनी दी है। इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Saar और रक्षा मंत्री Israel Katz ने 24 अगस्त 2026 को साफ शब्दों में कह दिया कि उनका देश सीरिया में तुर्की के किसी भी सैन्य अड्डे को बर्दाश्त नहीं करेगा। इसराइल का दावा है कि ये हमले सीरिया में तुर्की को पैर पसारने से रोकने के लिए किए जा रहे हैं। हालांकि, तुर्की और सीरिया दोनों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अंकारा का साफ कहना है कि वह सीरिया की सेना को फिर से खड़ा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ शरणार्थियों के प्रबंधन में मदद कर रहा है।

जॉर्डन में हुई उच्च स्तर की गुप्त बैठक

इस बढ़ते तनाव को रोकने के लिए 23 अगस्त 2026 को जॉर्डन में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसकी मध्यस्थता अमेरिका ने की। इस बैठक में सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani और इसराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख Roman Gofman आमने-सामने बैठे। सीरियाई विदेश मंत्री ने 24 अगस्त को बयान दिया कि उनका देश अब इसराइली हमलों से छुटकारा पाना चाहता है और सीरियाई जमीन से इसराइली सेना की वापसी चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि सीरिया को तुर्की के साथ सैन्य समझौते करने का पूरा संप्रभु अधिकार है।

अमेरिका की मध्यस्थता और आगे की स्थिति

इस पूरे मामले पर अमेरिका ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। तुर्की में अमेरिका के विशेष दूत और राजदूत Tom Barrack ने इसराइली हमले को अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पास ऐसा कोई सबूत नहीं था जिससे यह साबित हो सके कि उस एयरबेस पर कोई स्थायी तुर्की सैन्य तैनाती थी। 25 अगस्त 2026 तक अमेरिका की अगुवाई में कूटनीतिक प्रयास जारी हैं ताकि इसराइल और तुर्की के बीच सीधा संघर्ष टल सके और सीरियाई क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए नए समझौते किए जा सकें।

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