Turkey ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के खिलाफ Interpol Red Notice की मांग की.

तुर्की के न्याय मंत्री Akin Gurlek ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को यह ऐलान किया कि देश ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और इसराइली अधिकारी Afek Moskovitch को गिरफ्तार करने के लिए Interpol से औपचारिक रूप से रेड नोटिस जारी करने की मांग की है। यह कानूनी कदम 14 जुलाई 2026 को इस्तांबुल की 11वीं हाई क्रिमिनल कोर्ट द्वारा जारी किए गए घरेलू गिरफ्तारी वारंट के बाद उठाया गया है, जो मई 2026 में ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला पर हुए इसराइली सैन्य हमले से जुड़ा हुआ है।
ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला पर हमला और कानूनी आरोप
ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला एक मानवीय मिशन था जिसमें लगभग 50 जहाज और 40 से अधिक देशों के 430 कार्यकर्ता शामिल थे। इस काफिले को इसराइली सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोक लिया था। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान कम से कम दो जहाजों पर गोलीबारी की गई और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 48 तुर्की नागरिक भी शामिल थे। तुर्की की अदालत द्वारा Benjamin Netanyahu और Afek Moskovitch पर नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध, गंभीर स्वतंत्रता हनन, जानबूझकर चोट पहुंचाना, प्रताड़ना, संपत्ति को नुकसान, गंभीर लूटपाट और परिवहन के साधनों के अपहरण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
Interpol की समीक्षा प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
Interpol से रेड नोटिस की मांग को आगे बढ़ाने के लिए, तुर्की के न्याय मंत्रालय ने आंतरिक मंत्रालय से औपचारिक रूप से रेड नोटिस जारी करने की याचिका दायर की है और सभी संबंधित दस्तावेज विदेश मंत्रालय को भेज दिए हैं। अब Interpol इस आवेदन की समीक्षा करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह उसके नियमों का पालन करता है, विशेष रूप से उन नियमों का जो राजनीतिक, सैन्य, धार्मिक या नस्लीय उद्देश्यों से जुड़े हस्तक्षेपों पर रोक लगाते हैं। यदि नोटिस जारी किया जाता है, तो यह व्यक्तिगत सदस्य देशों पर निर्भर करेगा कि वे अपने घरेलू कानूनों के आधार पर इस अनुरोध पर कार्रवाई करते हैं या नहीं।
इसराइली प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय अदालत के पुराने वारंट
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने इस कदम को बेहद कमजोर और दिखावटी बताया है। इसराइली पक्ष का कहना है कि यह तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan द्वारा इसराइल के नेतृत्व और सेना पर दबाव बनाने का एक प्रयास है। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत यानी ICC द्वारा 21 नवंबर 2024 को गाजा में जारी संघर्ष के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के संबंध में Benjamin Netanyahu के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका है।