सीरिया के एयरपोर्ट पर इस्राइली एयरस्ट्राइक, तुर्की और सीरिया ने कड़ी निंदा की.

सीरिया के अलेप्पो और इदलिब क्षेत्रों में तनाव उस समय और बढ़ गया जब सीरिया के अबू अल-धुहूर सैन्य हवाई अड्डे पर अचानक हवाई हमले किए गए। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मच गई है और कई देशों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है।
अबू अल-धुहूर एयरपोर्ट पर आठ हवाई हमले
सरकारी मीडिया अल-इखबरिया टीवी के अनुसार, एक सैन्य सूत्र ने जानकारी दी कि इस्राइली युद्धक विमानों ने मंगलवार तड़के अबू अल-धुहूर मिलिट्री एयरपोर्ट के रनवे को निशाना बनाकर कुल आठ airstrikes किए। इस हमले की वजह से हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। यह सैन्य अड्डा पूर्वी इदलिब के ग्रामीण इलाके में स्थित है और साल 2012 से ही पूरी तरह से सेवा से बाहर यानी बंद पड़ा था। हाल ही में इस एयरफील्ड को फिर से चालू करने के प्रयासों के तहत एक तुर्की सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने यहां का दौरा किया था जिसके ठीक बाद यह हमले हुए।
तुर्की और सीरियाई सरकार की तीखी प्रतिक्रिया
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक संचार चैनलों के माध्यम से 18 अगस्त 2026 को एक औपचारिक बयान जारी किया। इस बयान में सीरिया के अबू अल-जुहूर एयरपोर्ट पर हुए इस्राइली हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। वहीं दूसरी ओर, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले को एक अनुचित आक्रामकता करार दिया। सीरियाई अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ एक गंभीर खतरा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और प्रतिक्रियाएं
ईरान और सीरिया के हालात पर नजर रख रहे अमेरिकी दूत टॉम बराक ने इस पूरी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इन रात्रिकालीन हमलों के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह क्षेत्रीय स्थिरता को आगे नहीं बढ़ाने वाला एक अनावश्यक तनाव है। इसके अलावा जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने भी इन हवाई हमलों की निंदा की और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया। अरब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल चार विमानों ने इस सैन्य अड्डे के रनवे पर बमबारी की। हालांकि इस्राइली सूत्रों ने इस हमले में सीधे तौर पर शामिल होने से इनकार किया है, लेकिन एक इस्राइली अधिकारी ने फॉक्स न्यूज को बताया कि इस स्ट्राइक से पहले अमेरिका के साथ बेहद संवेदनशील खुफिया जानकारी साझा की गई थी। सीरियाई ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, तुर्की के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के तुरंत बाद यह हमला किया गया।