गाजा में इसराइली हमलों पर तुर्की, मिस्र और कतर का बड़ा बयान, तुरंत युद्धविराम की मांग.

गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को तुर्की, मिस्र और कतर ने गाजा पट्टी में हाल ही में हुए इसराइली सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए एक औपचारिक संयुक्त बयान जारी किया। इन तीनों मध्यस्थ देशों ने इसराइल से चल रहे संघर्ष विराम समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि इन हमलों के तेज होने से गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना को लागू करने के लिए किए जा रहे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयास कमजोर हो रहे हैं।
संयुक्त बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रूडो द्वारा नेतृत्व किए जा रहे 'बोर्ड ऑफ पीस' से हस्तक्षेप करने की अपील की गई है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 द्वारा समर्थन प्राप्त है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। इसी बीच, हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने 'बोर्ड ऑफ पीस' पर इसराइली सैन्य अभियानों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जब तक हमास को पूरी तरह से हथियारों से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक इसराइल गाजा से पीछे नहीं हटेगा।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े और लगातार बढ़ते तनाव
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 20 अगस्त को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान 10 फलस्तीनी मारे गए और 25 घायल हो गए। ये आंकड़े मंगलवार और बुधवार को हुए हमलों के बाद आए हैं, जिनमें कम से कम 17 लोगों की मौत हुई थी। पिछले साल अक्टूबर से संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद, हालिया झड़पों ने जारेड कुशनर जैसे वार्ताकारों से जुड़े अमेरिकी नेतृत्व वाले कूटनीतिक प्रयासों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं और इसराइली सेना अब गाजा के 60 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर नियंत्रण कर चुकी है, जो कि 50 प्रतिशत से कम की सहमत 'येलो लाइन' सीमा से काफी अधिक है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इसराइली सैनिकों ने बुधवार को दक्षिणी गाजा में संघर्ष विराम रेखा को पार किया और हमास के एक पुलिस कर्नल को हिरासत में ले लिया। इसराइली सेना ने कहा कि उसने उन हमास आतंकवादियों और कमांडरों को निशाना बनाया जो उसके सैनिकों पर हमलों की योजना बना रहे थे।
मानवीय संगठनों की प्रतिक्रिया और फौज के खिलाफ जांच
इसके अलावा, इसराइली सेना ने 20 अगस्त को घोषणा की कि वह सैनिकों के आचरण से जुड़ी 150 घटनाओं की आंतरिक समीक्षा के बाद एक 5 साल की बच्ची, उसके परिवार और 15 पैरामेडिक्स की मौत के मामलों में आपराधिक जांच शुरू कर रही है। इन घटनाओं के कारण गाजा का स्वास्थ्य मंत्रालय, फलस्तीनी रेड क्रीसेंट, फलस्तीनी नागरिक सुरक्षा दल और गाजा के गृह एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय जैसे मानवीय संगठन भी सक्रिय हो गए हैं।