Turkiye ने सीरिया को दिया बड़ा समर्थन, इस्राइली हवाई हमलों के बाद सैन्य क्षमता को मजबूत करने का किया ऐलान.

गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को तुर्की के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा बयान जारी किया। मंत्रालय ने साफ कहा कि Turkiye सीरिया की सैन्य क्षमता और वहां के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद जारी रखेगा। यह फैसला 'सिंगल आर्मी' के सिद्धांत के तहत लिया गया है। सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहुर मिलिट्री एयरबेस पर इस्राइल ने लगातार आठ हवाई हमले किए थे, जिसके बाद तुर्की का यह रुख सामने आया है। इन हमलों से उस सैन्य अड्डे को काफी नुकसान पहुंचा था, जो मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को हुए थे।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान
बुधवार, 19 अगस्त 2026 की देर रात इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस बात की पुष्टि की थी कि सीरिया के इस एयरबेस पर इस्राइल ने ही हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि दमिश्क को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अगर उस बेस पर तुर्की के सैनिकों को तैनात किया गया, तो इस्राइल की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। नेतन्याहू का आरोप था कि सीरिया सुरक्षा स्थिति को तोड़ने की कगार पर था। इसके बाद इस्राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी 20 अगस्त को तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan को सीधी चेतावनी दी थी और उन्हें सीरिया में किसी भी तरह के खतरनाक कदम से दूर रहने की सलाह दी थी।
तुर्की और सीरिया की ओर से तीखी प्रतिक्रिया
तुर्की के राष्ट्रपति भवन ने इस्राइल के इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि अंकारा पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं, जिनका मकसद सिर्फ गैर-कानूनी हवाई हमलों को सही ठहराना है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि हमले से पहले या उसके दौरान वहां तुर्की का कोई भी सैन्य प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। उन्होंने इस्राइली कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और कहा कि यह सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है। सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने भी इन बातों की पुष्टि की और कहा कि वहां कोई तुर्की सैन्य बेस बनाने की योजना नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस जगह पर सिर्फ सीरियाई वायु सेना के लिए सुविधाओं को ठीक करने का काम चल रहा था।
कूटनीतिक प्रयास और कतर-अमेरिका की मध्यस्थता
इस बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। सीरिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत Tom Barrack ने इस्राइली हमलों को एक गैर-जरूरी तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सभी पक्षों के बीच बातचीत और शांति स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोसाद के डायरेक्टर Roman Gofman ने सैन्य कार्रवाई से पहले, 14 अगस्त 2026 को सीरियाई विदेश मंत्री अल-शैबानी के साथ फोन पर एक दुर्लभ बातचीत भी की थी, जिसमें इसी एयरबेस को लेकर चिंताओं पर चर्चा की गई थी।