अदन की खाड़ी और सोमालिया तट पर दो जहाज हाईजैक, कुल 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित.

समंदर के रास्ते व्यापार करने वाले जहाजों पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरी दुनिया के समुद्री सुरक्षा अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अदन की खाड़ी और सोमालिया के पास पानी के दो जहाजों को बंदूकधारियों ने अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे नाविकों के परिवारों में भारी चिंता का माहौल बन गया है। राहत की बात यह है कि इन जहाजों पर काम करने वाले सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं और सरकार तथा संबंधित एजेंसियां हालात पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि सभी लोगों को सकुशल वापस लाया जा सके।
अदन की खाड़ी में एरीट्रिया का जहाज अगवा
पहली घटना अदन की खाड़ी से जुड़ी है जहाँ एरीट्रिया के झंडे वाले प्रोडक्ट टैंकर 'Sibu 1' (IMO 9204776) को छह हथियारबंद लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। यह घटना 19 अगस्त या 20 अगस्त 2026 को यमन के अल मुकल्ला से लगभग 136 समुद्री मील पूर्व में घटी। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा इस जहाज पर पहले से प्रतिबंध लगाया गया था क्योंकि यह ईरान के पेट्रोलियम को ढोने का काम करता था। हाइजैकिंग से पहले इस जहाज से एक आपातकालीन संदेश 'PIRATE ONBOARD HELP' भेजा गया था, जिसके बाद इसे सोमालिया की तरफ मोड़ दिया गया।
भारतीय नौवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इस जहाज पर मौजूद सभी 20 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 16 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा बाकी के सदस्यों में एक सीरियाई, एक सूडानी, एक इराकी और एक अज्ञात राष्ट्रीयता का व्यक्ति शामिल है। इस खबर के सामने आने के बाद भारत में उन परिवारों ने राहत की सांस ली है जिनके बेटे या रिश्तेदार इस जहाज पर काम कर रहे थे।
सोमालिया तट के पास कार्गो जहाज 'Lutuf' हाईजैक
दूसरी घटना सोमालिया के पास घटी जहाँ कैमरून के झंडे वाले कार्गो जहाज 'Lutuf' को हाईजैक कर लिया गया। पोलर मूवमेंट शिपिंग के स्वामित्व वाला यह जहाज 17 अगस्त 2026 को सोमालिया के मरीयो से महज 3.5 से 4 समुद्री मील दक्षिण में समुद्री लुटेरों के हत्थे चढ़ गया। आठ हथियारबंद लोगों ने 1,401 dwt क्षमता वाले इस जहाज पर धावा बोला और इसे नुगाल तट की तरफ ले गए।
इस जहाज पर कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें 6 भारतीय नागरिक, एक तुर्की नागरिक, एक जॉर्जियाई और दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। ये सभी लोग अभी तक सुरक्षित हैं और समुद्री लुटेरों के नियंत्रण में हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह जहाज मोगदिशु की एक सुविधा के लिए तुर्की के सैन्य उपकरण और संचार हार्डवेयर लेकर जा रहा था।
तुर्की की कार्रवाई और सोमाली समुद्री लुटेरों का बढ़ता खतरा
क्षेत्रीय रिपोर्टों से पता चलता है कि 'Lutuf' के अपहरण के बाद तुर्की के विमानों, जिनमें हेलीकॉप्टर और ड्रोन शामिल थे, ने इस जहाज पर नजर रखी। ऐसी भी अपुष्ट खबरें सामने आई हैं कि एक छोटी नाव जो 'Lutuf' के लिए रसद और सामान लेकर जा रही थी, उसे एक हवाई हमले में निशाना बनाया गया जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि सोमाली समुद्री लुटेरे एक बार फिर से सक्रिय हो रहे हैं और पकड़े गए जहाजों को 'मददगार जहाजों' या कहें कि बेस के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि समुद्र में दूर-दूर तक अपनी वारदातों को अंजाम दे सकें। आंकड़ों के मुताबिक, 'Lutuf' पांचवां ऐसा मर्चेंट जहाज है जिसे इस इलाके में समुद्री लुटेरों ने बंधक बना रखा है।
यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने दोनों ही घटनाओं की पुष्टि करते हुए इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार संपर्क में हैं ताकि हमारे नाविक सुरक्षित अपने घर लौट सकें।