UAE में ADNOC के टैंकर्स पर ड्रोन हमला, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर फूटा खाड़ी देशों का गुस्सा.

गुरुवार की शाम को होर्मुज जलडमरूमध्य में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC के दो टैंकर्स पर ड्रोन से हमला किया गया जिसके बाद अरब देशों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इस हमले के सामने आने के बाद से यूएई, सऊदी अरब और बहरीन जैसे बड़े देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और प्रशासन ने इसे गंभीर मामला बताया है। मैरीटाइम सिक्योरिटी फर्म Vanguard Tach के अनुसार जिन जहाजों को निशाना बनाया गया उनमें सिंगापुर के झंडे वाला Navig8 Messi और लाइबेरिया के झंडे वाला Tarif शामिल है। गनीमत यह रही कि इन जहाजों को केवल मामूली नुकसान पहुंचा और किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है लेकिन इस तरह की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
यूएई विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
यूएई के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को सीधे तौर पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC की तरफ से की गई समुद्री डकैती करार दिया है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि इस तरह की हरकतें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव Resolution 2817 का खुला उल्लंघन करती हैं और इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को बहुत बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की स्थानीय जनता के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि अगर समुद्र में जहाजों पर ऐसे हमले रुकेंगे नहीं तो व्यापार और तेल की आपूर्ति पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। भारत से बड़ी संख्या में लोग यूएई और दूसरे खाड़ी देशों में नौकरी और कारोबार के लिए जाते हैं इसलिए ऐसी खबरें वहां रह रहे भारतीयों के परिवारों को भी काफी डराती हैं।
एक हफ्ते में दूसरी बार हुआ हमला
यह चौंकाने वाला मामला है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर ADNOC के जहाजों पर यह दूसरा हमला है। इस साल फरवरी महीने से लेकर अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में कुल 15 ऐसे जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है जो ADNOC से जुड़े हुए हैं। सऊदी अरब ने इन सभी गतिविधियों को बहुत खतरनाक और तनाव को बढ़ाने वाला बताया है। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी इस क्षेत्र में दो अलग-अलग ड्रोन हमलों के होने की पुष्टि कर दी है जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ईरान की प्रतिक्रिया और यूएई की मांग
हालांकि अभी तक ईरान के अधिकारियों की तरफ से इन नए आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन हाल ही में नियुक्त किए गए IRGC के नेवी कमांडर रियर एडमिरल Ali Azmaei ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान का इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूरा नियंत्रण है। इस स्थिति को देखते हुए यूएई सरकार ने ईरान से तुरंत इन आक्रामक हरकतों को रोकने की मांग की है और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के तुरंत दोबारा खोलने के लिए कहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों का आना-जाना सुरक्षित हो सके।