UAE Banking: भारत के CKYC मॉडल से प्रेरित होकर UAE भी ला रहा है अपना डिजिटल ई-केवाईसी सिस्टम, बैंकिंग होगी आसान

भारत की तरह अब UAE भी अपने बैंकिंग सेक्टर को और आधुनिक बनाने जा रहा है। भारत में अगस्त 2026 से शुरू होने वाली CKYC 2.0 प्रणाली ग्राहकों के लिए बैंकिंग दस्तावेजों के बार-बार जमा करने के झंझट को खत्म करेगी। इसी तरह की सुविधा को देखते हुए विशेषज्ञ इसे UAE के AED 5.63 ट्रिलियन के विशाल बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं।
UAE में नया नेशनल ई-केवाईसी प्लेटफॉर्म
UAE के सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने भी अप्रैल 2026 में अपने खुद के नेशनल यूनिफाइड ई-केवाईसी प्लेटफॉर्म की घोषणा की है। इस सिस्टम को Norbloc नाम की टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। CBUAE के सहायक गवर्नर Saif Humaid Al Dhaheri ने इसे वित्तीय क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव बताया है, जिससे काम जल्दी होगा और खर्च में भी कमी आएगी। यह नया सिस्टम आने वाले समय में UAE में सभी वित्तीय संस्थानों के लिए अनिवार्य हो जाएगा।
भारत के CKYC 2.0 की खास बातें
भारत में CERSAI के प्रबंधन में शुरू होने वाली इस सुविधा में ग्राहक एक बार अपनी केवाईसी करवाकर उसे कई बैंकों या वित्तीय संस्थानों के साथ साझा कर सकेंगे। इसके लिए बार-बार कागज देने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि ग्राहक केवल एक OTP के जरिए अपनी मंजूरी दे सकेंगे। इस पर RBI, Sebi, IRDAI और PFRDA जैसे बड़े नियामक संस्थानों की नजर है।
UHY James Chartered Accountants LLC के सीईओ James Mathew का मानना है कि भारत की यह पहल ग्राहकों के लिए बेहद सुविधाजनक है। वहीं, UAE में भी साल 2025 के अंत और 2026 के अप्रैल में नए नियमों के बाद मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद विरोधी नियमों (AML/CFT/CPF) को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है, ताकि बैंकिंग व्यवस्था को और सुरक्षित बनाया जा सके।