UAE में हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर लगातार हमले, संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक बड़ी घटना को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। 13 अगस्त से 15 अगस्त 2026 के बीच हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर ताबड़तोड़ हमले किए गए। इन हमलों में ADNOC से जुड़े टैंकरों को निशाना बनाया गया, जिनमें सिंगापुर के झंडे वाला जहाज NAVIG8 MESSI और लाइबेरिया के झंडे वाला जहाज TARIF शामिल हैं। यूएई सरकार ने इन सभी घटनाओं को सीधे तौर पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की समुद्री डकैती बताया है। सरकार का कहना है कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 का खुला उल्लंघन है।
ADNOC के जहाजों पर लगातार हमले और ऊर्जा सुरक्षा का संकट
मौजूदा संघर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक ADNOC के कुल 18 जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद यूएई ने सभी तरह की शत्रुता को तुरंत रोकने और इस जरूरी समुद्री मार्ग को बिना किसी शर्त के फिर से खोलने की मांग की है। देश का मानना है कि इस रास्ते के बंद होने या असुरक्षित होने से पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस बारे में आधिकारिक जानकारी QNA के माध्यम से सामने आई है, जिसमें इन हमलों की पूरी डिटेल दी गई है।
कूटनीति और सुरक्षा के मोर्चे पर यूएई का सख्त रुख
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गश ने इस मामले पर बात करते हुए साफ किया है कि देश अपनी संप्रभुता और नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार कूटनीति और अपनी रक्षात्मक ताक़त दोनों का इस्तेमाल कर रही है। इस बारे में अधिक जानकारी QNA की रिपोर्ट में साझा की गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा इन समुद्री खतरों के खिलाफ कोई ठोस प्रस्ताव पास न किए जाने के बावजूद, यूएई ने अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति अपनी पूरी निष्ठा बनाए रखी है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे क्षेत्रीय शांति प्रभावित हो रही है।