UAE कोर्ट ने सुडान हथियार तस्करी केस की सुनवाई टाली, 13 आरोपियों और 6 कंपनियों पर चल रहा है मुकदमा

यूएई की अदालतों में चल रहे एक अहम कानूनी मामले में अबू धाबी फेडरल कोर्ट ऑफ अपील ने सुनवाई की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। यह मामला सुडान में चल रहे संघर्ष से जुड़ा है, जिसमें अवैध रूप से हथियारों की तस्करी का आरोप लगाया गया है। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2026 के लिए तय की है, जबकि पिछली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को हुई थी।
मामले से जुड़ी जानकारी और कानूनी कार्रवाई
इस केस में कुल 13 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति पूर्व सुडानी सैन्य खुफिया अधिकारी बताया जा रहा है। इसके साथ ही, 6 कंपनियां भी इस पूरे मामले में घेरे में हैं। इन सभी पर सैन्य उपकरणों की अवैध तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, गलत तरीके से बिचौलिया बनना और आधिकारिक दस्तावेजों के साथ धोखाधड़ी करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
बीते 6 अगस्त की सुनवाई के दौरान, फेडरल पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने अदालत के सामने सबूतों का एक बड़ा जखीरा पेश किया। इनमें ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक मैसेज, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, टेक्निकल और वित्तीय रिपोर्ट, और कुछ आरोपियों द्वारा दिए गए इकबालिया बयान शामिल हैं। सरकारी वकील ने इस बात पर जोर दिया कि यूएई की जमीन का इस्तेमाल करके इस तरह के कामों को अंजाम देना देश के कानून का उल्लंघन है। साथ ही, इससे देश की संप्रभुता और सुरक्षा को भी खतरा पैदा हुआ है।
यूएई सरकार का स्टैंड और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा
यूएई की सरकार ने पहले भी यह स्पष्ट किया है कि वे अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए नहीं होने देंगे। नवंबर 2025 में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यूएई विदेश मंत्रालय ने हथियारों की तस्करी और सुडान के युद्धरत पक्षों को मदद पहुंचाने जैसी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय का कहना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस पूरे मामले की जड़ें 30 अप्रैल 2025 को हुई गिरफ्तारियों से जुड़ी हैं, जब पहली बार इस गिरोह के सदस्यों को सैन्य उपकरणों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पकड़ा गया था।
बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
यह मामला ऐसे समय पर चल रहा है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूएई की भूमिका को लेकर चर्चा तेज है। 3 अगस्त 2026 को अमेरिका के 21 सीनेटरों ने वहां के विदेश मंत्री को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में सीनेटरों ने मांग की कि यूएई को कुछ हथियारों की बिक्री रोक दी जाए, क्योंकि उनका आरोप है कि यूएई सुडान के संघर्ष में शामिल गुटों को सप्लाई कर रहा है। यूएई की न्याय प्रणाली अब इन कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए यह सुनिश्चित कर रही है कि देश की सुरक्षा और वैश्विक जिम्मेदारियों के साथ कोई समझौता न हो।