UAE का बड़ा बयान, गल्फ देशों में अब 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति को लंबे समय तक नहीं खींचा जा सकता

Nura Basta11 August 20261 min read126 viewsUAE
UAE का बड़ा बयान, गल्फ देशों में अब 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति को लंबे समय तक नहीं खींचा जा सकता

यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार Dr. Anwar Gargash ने 11 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि गल्फ क्षेत्र अब अनिश्चित काल तक 'न तो युद्ध और न ही शांति' की स्थिति में नहीं रह सकता है। इस बयान से साफ पता चलता है कि खाड़ी देशों में मौजूदा हालात को लेकर चिंता बढ़ रही है और अब स्थायी समाधान की तलाश की जा रही है। UAE के इस रुख से वहां रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के बीच भी स्थिरता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति पर जोर

डॉ. अनवर गर्गश ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में क्षेत्र की स्थिरता मजबूत सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। इसमें अंतरराष्ट्रीय कानून, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में स्थिरता कमजोर नींव या अंतरराष्ट्रीय कानूनों से अलग समझौतों पर आधारित नहीं होनी चाहिए। उनका मुख्य उद्देश्य एक ऐसे 'स्थायित्व' की ओर बढ़ना है जो स्पष्ट और साझा नियमों से संचालित हो, जिसे सभी पक्ष मान सकें।

यूएई की कूटनीतिक स्थिति और भविष्य की दिशा

यह बयान संयुक्त अरब अमीरात की मौजूदा कूटनीतिक स्थिति को उजागर करता है। देश एक स्पष्ट विजन और रणनीतिक दिशा की मांग कर रहा है। यूएई क्षेत्र को इस अनसुलझे संघर्ष से बाहर निकालकर स्थायी स्थिरता की ओर ले जाना चाहता है। इसके लिए एक बुनियादी बदलाव और स्थापित अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन करने की आवश्यकता है। गल्फ क्षेत्र के इन हालातों पर भारत और अन्य देशों की भी पैनी नजर है क्योंकि यहां लाखों भारतीय काम करते हैं और क्षेत्र में शांति रहना हर किसी के हित में है।

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