UAE Fuel Price Update: सितंबर में महंगे हो सकते हैं पेट्रोल और डीजल, ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल से बढ़ी टेंशन।

यूनाइटेड अरब एमिरेट्स यानी UAE में गाड़ी चलाने वाले लोगों के लिए एक जरूरी खबर सामने आ रही है। सितंबर महीने के लिए देश में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। ग्लोबल ऑयल मार्केट में लगातार बने दबाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आम आदमी की जेब पर असर पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें कम नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में हालात और बदल सकते हैं।
कमेटी अगले हफ्ते करेगी आधिकारिक दरों का ऐलान
UAE Fuel Price Committee यानी आधिकारिक ईंधन मूल्य समिति जल्द ही सितंबर महीने के नए रेट्स की घोषणा करने वाली है। इस कमेटी में Ministry of Energy & Infrastructure और Ministry of Finance के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, नई कीमतों का आधिकारिक ऐलान अगले हफ्ते Monday, August 31, 2026 को किया जाएगा। ये नई और संशोधित कीमतें ठीक अगले दिन यानी Tuesday, September 1, 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी।
ग्लोबल मार्केट और अंतरराष्ट्रीय हालात का असर
आपको बता दें कि अगस्त 2015 में ईंधन सेक्टर के डीरेगुलेशन के बाद से ही UAE में घरेलू ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर ग्लोबल मार्केट के ट्रेंड से जुड़ी हुई हैं। अगस्त 2026 के दौरान भी कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया था, जहां जुलाई में दाम घटने के बाद अगस्त में कीमतें फिर से बढ़ गई थीं। हालांकि महीने के दौरान ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें कुछ समय के लिए 90 dollars प्रति बैरल से नीचे भी गईं, लेकिन भू-राजनीतिक अस्थिरता अब भी समिति के मासिक आकलन का सबसे बड़ा आधार बनी हुई है।
ईरान और अमेरिका-इजराइल संघर्ष का प्रभाव
वैश्विक बाजार में यह उठापटक मुख्य रूप से चल रहे क्षेत्रीय तनाव की वजह से हो रही है। विश्लेषकों का सुझाव है कि अगर ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध कड़े होते हैं और तेल के निर्यात पर और ज्यादा पाबंदियां लगती हैं, तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 dollars प्रति बैरल से ऊपर ही बनी रह सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास परिवहन में रुकावटें और ईरान से जुड़े अमेरिका-इजराइल संघर्ष के प्रभाव ने मार्केट की वोलेटिलिटी को और ज्यादा बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर अब घरेलू बाजार पर पड़ने की आशंका है।