UAE के भारतीयों के लिए बड़ी खुशखबरी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जल्द सस्ती होंगी भारत की फ्लाइट्स.

यूएई और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एयरफेयर यानी हवाई किराए को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और केंद्र सरकार को नए नियम जल्द से जल्द लागू करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि भारत और यूएई के बीच सफर करने वाले यात्रियों को महंगे टिकटों की मार से बड़ी राहत मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश और नया नियम
सोमवार, 17 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई की। अदालत ने केंद्र सरकार को नए विमानन नियमों को अंतिम रूप देने के लिए केवल तीन हफ्ते का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 सितंबर 2026 को तय की गई है। सरकार ने अदालत के सामने सीलबंद लिफाफे में ड्राफ्ट नियम पेश किए थे, जिनकी समीक्षा के बाद कोर्ट ने इन्हें जल्द पूरा करने को कहा है।
यह पूरी प्रक्रिया भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत आगे बढ़ रही है, जिसे देश के एविएशन सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए जनवरी 2025 में लागू किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा है कि नियमों का पालन न करने वाली एयरलाइंस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर ऐसी विमान कंपनियों को ग्राउंड भी किया जा सकता है, यानी उनके उड़ान भरने पर रोक लगाई जा सकती है।
प्रवासी भारतीयों और आम यात्रियों को होगी आसानी
यूएई और खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासी लंबे समय से महंगे हवाई टिकटों की समस्या से परेशान रहे हैं। खासकर छुट्टियों और त्योहारों के समय एयरलाइंस कंपनियों द्वारा मनमाना किराया वसूला जाता है। इन नए नियमों के आने से टिकटों के दाम में अचानक होने वाली बढ़ोतरी यानी सर्ज प्राइसिंग और ज्यादा लगेज चार्ज जैसी समस्याओं पर लगाम कसने की पूरी उम्मीद है।
यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायण द्वारा दायर की गई एक याचिका के बाद सामने आया था, जिन्होंने पारदर्शिता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक स्वतंत्र नियामक बनाने की मांग की थी। इसके अलावा, प्रवासी लीगल सेल (PLC) के ग्लोबल प्रेसिडेंट एडवोकेट जोस अब्राहम और दुबई के प्रेसिडेंट टीएन कृष्णकुमार ने भी नॉन-रेसिडेंट भारतीयों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई है। यूएई के भारतीय समुदाय ने अदालत के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब हवाई यात्रा जेब पर भारी नहीं पड़ेगी।