UAE में नौकरी जाने पर मिला बड़ा सहारा, सरकार ने बांटे 512 मिलियन दिरहम से ज्यादा रुपये.

Sushma Kumari11 August 20263 min read77 viewsUAE
UAE में नौकरी जाने पर मिला बड़ा सहारा, सरकार ने बांटे 512 मिलियन दिरहम से ज्यादा रुपये.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर सामने आई है। यूएई के मानव संसाधन और स्वदेशीकरण मंत्रालय यानी MoHRE ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को यह आधिकारिक घोषणा की कि उनकी तरफ से इनवॉलंटरी लॉस ऑफ एम्प्लॉयमेंट यानी ILOE योजना के तहत अब तक 512 मिलियन दिरहम यानी लगभग 139.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की राशि बेरोजगार हुए कर्मचारियों को दी जा चुकी है। यह मुआवजा उन सभी कर्मचारियों को दिया गया है जिनकी नौकरियां साल 2024 की शुरुआत से लेकर साल 2026 के पहले छह महीनों के दौरान किसी कारणवश चली गई थीं। इस शानदार योजना को दुबई इंश्योरेंस कंपनी द्वारा MoHRE के साथ मिलकर चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य मकसद यही है कि जब भी किसी कर्मचारी की नौकरी अचानक छूटे तो उसे पैसों की तंगी का सामना न करना पड़े और उसे वित्तीय सुरक्षा मिल सके।

किसे मिलता है इस योजना का फायदा और क्या हैं नियम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2023 को फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 13 के तहत की गई थी। इसके नियमों के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर और फेडरल गवर्नमेंट में काम करने वाले लगभग सभी कर्मचारियों के लिए इस योजना से जुड़ना जरूरी किया गया है, जिसमें फ्री जोन में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। हालांकि इस नियम से कुछ लोगों को बाहर रखा गया है जैसे कि निवेशक, बिजनेस के मालिक, घरेलू कामगार, अस्थायी कर्मचारी, 18 साल से कम उम्र के बच्चे और ऐसे रिटायर लोग जिन्होंने दोबारा कोई दूसरी नौकरी पकड़ ली है। मुआवजा पाने के लिए यह जरूरी है कि कर्मचारी ने कम से कम 12 महीने लगातार इस योजना के तहत प्रीमियम भरा हो, उसकी नौकरी अपनी मर्जी से इस्तीफा देने या किसी गलती की वजह से न छूटी हो बल्कि कंपनी की तरफ से निकाली गई हो, और नौकरी जाने के 30 दिनों के भीतर ही अपना दावा यानी क्लेम पेश कर दिया हो।

कितना मिलता है पैसा और क्या हुआ है नया बदलाव

जो भी कामगार इस योजना के पात्र होते हैं, उन्हें उनके पिछले मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी का 60 प्रतिशत हिस्सा अधिकतम 3 महीने के लिए हर क्लेम पर दिया जाता है। पूरी नौकरी के दौरान यह मुआवजा अधिकतम 12 महीने तक ही मिल सकता है। अगर किसी की बेसिक सैलरी 16,000 दिरहम तक है तो उसे महीने के अधिकतम 10,000 दिरहम मिल सकते हैं और अगर सैलरी इससे ज्यादा है तो अधिकतम सीमा 20,000 दिरहम महीना तय की गई है। इस योजना के तहत प्रीमियम की राशि बहुत कम यानी महीने के केवल 5 दिरहम या 10 दिरहम है जो सैलरी के हिसाब से तय होती है। अप्रैल 2026 से इस नियम में यह बदलाव किया गया है कि नए बीमा और रिन्यूवल के लिए कम से कम दो साल का टर्म लेना होगा और पूरा पैसा एक साथ यानी एडवांस में देना होगा, जिससे महीने-दर-म महीने किस्त चुकाने वाला सिस्टम अब खत्म हो चुका है। इसके अलावा MoHRE ने यह भी बताया कि उनके वर्कर्स प्रोटेक्शन प्रोग्राम के जरिए साल 2026 के बीच तक 320 मिलियन दिरहम से ज्यादा की रकम बांटी जा चुकी है जिससे 44,000 से ज्यादा वर्कर फायदा उठा चुके हैं। मंत्रालय की सहायक अवर सचिव दलाल अलशेहरी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार देश में एक सुरक्षित, स्थिर और टिकाऊ कामकाजी माहौल बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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