UAE का बड़ा फैसला, ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE सरकार ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। देश के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, कमर्शियल एक्सचेंज और वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह से रोक दिया है। यह नया नियम मंगलवार, 18 अगस्त 2026 से लागू हो गया है और सरकार ने साफ कर दिया है कि यह रोक अगले आदेश तक अनिश्चित काल के लिए जारी रहेगी। इस बड़े फैसले से दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है।
अधिकारियों ने दी पूरी जानकारी और खारिज किए दावे
UAE के विदेश मंत्रालय के रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक अफ़रा अल हमीली ने इस फैसले को लेकर मीडिया से बात की। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शांति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अल हमीली ने उन सभी पुरानी अफवाहों और दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध सामान्य होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि UAE हमेशा से बातचीत और शांति का समर्थन करता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय नियमों और वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा के लिए यह सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था। इस आधिकारिक जानकारी के बारे में आप विस्तार से UAE Ministry of Foreign Affairs की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं।
समुद्री रास्तों पर हमलों के बाद उठाया गया यह कदम
यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि इसके पीछे हाल ही में क्षेत्र में बढ़ी हुई शत्रुता और हमले हैं। जिस दिन इस रोक का ऐलान किया गया, उसी दिन UAE रक्षा मंत्रालय ने एक खतरनाक घटना की पुष्टि की। मंत्रालय ने बताया कि ईरान की तरफ से दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जो सीधे समुद्री नेविगेशन रूट को निशाना बना रही थीं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये मिसाइलें समुद्र में गिरीं और इनमें से एक प्रोजेक्टाइल सीधे तौर पर अमीरात की क्षेत्रीय जल सीमा के अंदर आ गिरा था। इन घटनाओं से पहले भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC के जहाजों को निशाना बनाने की खबरें सामने आ चुकी थीं। इन लगातार हमलों और सुरक्षा खतरों के चलते ही सरकार को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है ताकि देश और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।