UAE का बड़ा कदम, ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय लेनदेन को किया निलंबित.

Praggya Singh sabal19 August 20263 min read63 viewsUAE
UAE का बड़ा कदम, ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय लेनदेन को किया निलंबित.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने 19 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े आर्थिक अभियान की शुरुआत कर दी है। इस नए कदम को आर्थिक युद्ध और बड़े पैमाने पर अलगाव बताया जा रहा है, जिससे मध्य पूर्व के देशों में हलचल मच गई है। इस पूरी स्थिति का असर अब खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी साफ दिखने लगा है, जिससे आम लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

कड़े प्रतिबंध और आर्थिक अलगाव

अमेरिकी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ईरान की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने की क्षमता को पूरी तरह खत्म करना और परमाणु हथियारों के विकास को रोकना है। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने पहले ही संकेत दे दिया था कि इन नए प्रतिबंधों का मकसद ईरान को पूरी तरह से दुनिया से आर्थिक रूप से अलग करना है। Donald Trump ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी देश अपने वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों, हवाई अड्डों या सरकारी संस्थाओं के जरिए ईरान को किसी भी तरह का सहारा देगा, उसे गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। इस आदेश के दायरे में तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, नकद हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाज रजिस्ट्रियां और फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल शामिल है।

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UAE का बड़ा फैसला और कनाडा के प्रतिबंध

इस बड़े भू-राजनीतिक बदलाव के बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 19 अगस्त 2026 को ईरान के साथ अपने सभी तरह के व्यापारिक और वित्तीय लेनदेन को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा कर दी है। वहीं दूसरी ओर, कनाडा ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन के अधिकारों में बाधा डालने के आरोप में पांच ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। खाड़ी देशों में चल रहे इन घटनाक्रमों से वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों के बीच भी सुरक्षा और व्यापार को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि क्षेत्रीय तनाव का असर अक्सर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

सैन्य तनाव और नौसैनिक नाकाबंदी

आर्थिक मोर्चे के साथ-साथ सैन्य तनाव भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी नौसेना की तरफ से ईरान की नाकाबंदी को सौ फीसदी सफल बताया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, बलों ने ओमान की तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक नए शिपिंग कॉरिडोर को लागू करने के लिए 65 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला है, तीन को निष्क्रिय किया है और दो जहाजों पर बोर्डिंग की है। हालांकि इस कड़ी नाकाबंदी के बावजूद, Donald Trump ने यह भी स्पष्ट किया कि जलडमरूमध्य अभी खुला हुआ है। दूसरी तरफ, ईरान के सशस्त्र बलों के प्रमुख ने फारसी खाड़ी के देशों को अमेरिकी सैन्य अभियानों में मदद न करने की चेतावनी दी है और ऐसी किसी भी सहायता को शत्रुतापूर्ण करार दिया है।

ईरान में घरेलू संकट और घरेलू अर्थव्यवस्था का हाल

इन तमाम अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच ईरान के भीतर घरेलू अर्थव्यवस्था बहुत बुरे दौर से गुजर रही है। तेहरान से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, मुद्रा रियाल में भारी गिरावट आई है और महंगाई आसमान छू रही है। पेट्रोल पंपों पर ईंधन की भारी कमी देखी जा रही है, जिसके चलते लंबी कतारें लग गई हैं क्योंकि आम नागरिक भविष्य में कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका से डरे हुए हैं। ईरानी अधिकारी जवाबी कार्रवाई के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं, जिसमें यूरोप में सैन्य ठिकानों पर संभावित हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य में सबसिया फाइबर-ऑप्टिक केबलों को नुकसान पहुंचाना शामिल है। हालांकि Donald Trump ने 19 अगस्त को संकेत दिया था कि अमेरिका भविष्य में बातचीत की मेज पर वापस लौट सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं बनाई गई है।

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