UAE ने ईरान के साथ व्यापार किया बंद, अमेरिका ने ईरान पर लगाया भारी आर्थिक प्रतिबंध.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बुधवार को ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय लेनदेन को पूरी तरह से निलंबित करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उस घटना के बाद उठाया गया है जिसमें गल्फ में शिपिंग पर ईरानी बलों द्वारा दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के आरोप लगे थे। इस फैसले से उस कमर्शियल हब पर रोक लग गई है जिसका इस्तेमाल पहले ईरान द्वारा प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता था। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा यह संघर्ष अब अपने छठे महीने के करीब पहुंच गया है जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका का ईरान पर क्रूर आर्थिक अभियान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ एक क्रूर आर्थिक अभियान शुरू करने की घोषणा की। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस पहल को आर्थिक युद्ध और अलगाव का एक अभूतपूर्व अभियान बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा कि जो भी देश, वित्तीय संस्थान, बिजनेस, एयरपोर्ट या सरकारी संस्था तेहरान को जीवन रेखा प्रदान करती हुई पाई जाएगी, उसे भारी आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इस नए आदेश के तहत तेल तस्करी, स्वॉप लाइन, नकद हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाज रजिस्ट्रियों और फर्जी कंपनियों के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट OFAC Iran Sanctions के अनुसार इस रणनीति का मुख्य केंद्र 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी' है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी और ट्रेजरी विभाग की सख्ती
इस पूरी योजना का नेतृत्व अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेस्सेंट कर रहे हैं, जो ईरान के तेल सेक्टर, हथियारों की खरीद और क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स को निशाना बना रहे हैं। यह रणनीति 60 दिन के अंतरिम शांति समझौते के खत्म होने के बाद सामने आई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस बात पर जोर दिया कि इस दबाव को बनाए रखने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी पूरी ताकत के साथ लागू है। अमेरिका का ट्रेजरी विभाग उन वैश्विक संस्थाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ऑफिस का इस्तेमाल लगातार कर रहा है जो ईरानी व्यापार को बढ़ावा देती हैं। वार्ताएं पूरी तरह से रुकी हुई हैं जिसके कारण अमेरिका ने अब पूरी तरह से आर्थिक अलगाव की नीति अपना ली है।
ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिकी निर्देशों को आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। वहीं, ईरान के सशस्त्र बलों के प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाह ने क्षेत्रीय पड़ोसियों को अमेरिकी सेना के साथ सहयोग करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। गल्फ देशों में इस बढ़ते तनाव का सीधा असर वहां काम करने वाले आम लोगों और भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ सकता है जो रोजगार के लिए इन देशों में रहते हैं। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और व्यापार की स्थिति तेजी से बदल रही है, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।