UAE का बड़ा बयान, अमेरिका द्वारा सीरिया को आतंकवादियों की लिस्ट से हटाने पर जताई खुशी.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने अमेरिका के उस फैसले का दिल से स्वागत किया है जिसके तहत सीरिया को आतंकवाद के प्रायोजक देशों की सूची से बाहर कर दिया गया है। UAE सरकार का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति लाने और सीरियाई लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास है। अमेरिका के विदेश विभाग द्वारा यह औपचारिक आदेश Monday, August 24, 2026 को लागू किया गया था, जिसके बाद साल 1979 से चला आ रहा यह बैन अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है। इस फैसले से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कांग्रेस को July 8, 2026 को इसकी जानकारी दी थी जिसके बाद 45-दिन की समीक्षा प्रक्रिया पूरी की गई। इस पूरी जानकारी की पुष्टि UAE के आधिकारिक मीडिया हब की MOFA UAE रिपोर्ट के माध्यम से की गई है।
आतंकवादी सूची से हटीं पाबंदियां और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
इस बड़े फैसले के साथ ही अमेरिकी वित्त विभाग ने हयात तहरीर अल-शाम यानी अल-नुस्रा फ्रंट को भी अपनी वैश्विक आतंकवादी सूची और प्रतिबंधित लोगों की सूची से हटा दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि इस नीति में बदलाव का मुख्य उद्देश्य सीरियाई अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करना और वहां के आम नागरिकों को एक नई शुरुआत देना है। यह फैसला सीरियाई राष्ट्रपति Ahmed al-Sharaa की सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से दूरी बनाने की प्रतिबद्धता पर आधारित है। इसके अलावा अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने भी कहा कि इस कदम का मकसद सीरिया में निवेश और विकास के नए रास्ते खोलना है ताकि वहां के हालात सुधर सकें।
खाड़ी देशों और क्षेत्रीय सहयोगियों का मिला समर्थन
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के इन प्रयासों की जमकर तारीफ की और कहा कि इससे सीरिया की वैश्विक अर्थव्यवस्था में वापसी आसान होगी। इस कदम पर खाड़ी देशों से भी बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है जिसमें कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे राजनीतिक समझौते की दिशा में एक सकारात्मक विकास बताया है। वहीं सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी सीरिया के पुनर्निर्माण में हर संभव सहयोग देने की बात दोहराई है। इस बारे में अधिक जानकारी QNA News पोर्टल पर भी साझा की गई है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Fuad al-Majali और तुर्की के विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले को सुरक्षा और रिकवरी के लिए बहुत जरूरी catalyst बताया है। इसके साथ ही जीसीसी (GCC) के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने कहा कि यह कार्रवाई सीरियाई जनता की शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सतत विकास की उम्मीदों से पूरी तरह मेल खाती है।