यूनाइटेड किंगडम ने ईरान के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, 7 नए लोगों और संस्थाओं पर लगाई पाबंदी.

ब्रिटेन सरकार ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए एक बार फिर से बड़ा फैसला लिया है। ब्रिटिश सरकार ने आधिकारिक रिकॉर्ड के जरिए इस बात की पुष्टि की है कि 17 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय प्रतिबंध सूची को अपडेट किया गया है। इसके तहत ईरान से जुड़े कुल सात नए व्यक्तियों और संस्थाओं को आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन नए उपायों का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन और उसके समर्थक समूहों द्वारा की जा रही शत्रुतापूर्ण गतिविधियों, परमाणु हथियारों के प्रसार और मानवाधिकारों के हनन को रोकना है। इस संबंध में अधिक जानकारी ब्रिटिश सरकार के official government records पर देखी जा सकती है।
कड़े कानूनों के तहत की गई कार्रवाई
यह ताजा कदम 'Sanctions and Anti-Money Laundering Act 2018' और साल 2023 के ईरान प्रतिबंध नियमों के तहत उठाए गए हैं। इन नए मामलों के जुड़ने के बाद अब ब्रिटेन ने ईरानी संपर्कों और संगठनों के खिलाफ कुल 550 से अधिक प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। ब्रिटेन की विदेश सचिव Yvette Cooper ने पहले ही इस बात पर जोर दिया था कि सरकार विदेशी ताकतों द्वारा समर्थित खतरों के प्रति शून्य सहनशीलता यानी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया था कि ईरान लगातार आपराधिक नेटवर्क और छद्म समूहों के जरिए आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है, जिसकी पूरी जानकारी UK government news पोर्टल पर साझा की गई है।
सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर
हालाँकि 19 अगस्त 2026 तक सरकार की तरफ से इन सात नए प्रतिबंधित लोगों और संस्थाओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन यह कार्रवाई जासूसी और तोड़फोड़ से निपटने के लिए बनाए गए 'National Security (State Threats) Act 2026' के तहत की जा रही है। इससे पहले भी ब्रिटेन ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और देश के भीतर यहूदी तथा इजरायली ठिकानों को निशाना बनाने वाले समूहों पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इन सभी पुराने फैसलों और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के बारे में विस्तार से official announcements में बताया गया है, ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जा सके।