यूक्रेन और नॉर्वे ने मिलाए हाथ, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के लिए किए बड़े समझौते

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने रविवार को एक अहम बैठक के दौरान रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों यूरोपीय देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और राष्ट्रीय मजबूती के क्षेत्रों में आपसी तालमेल को आने वाले लंबे समय तक के लिए और अधिक मजबूत करना है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय और तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू से मिली जानकारी के अनुसार, इन समझौतों से दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे।
ड्रोन डील और वित्तीय सहायता पर बनी सहमति
कीव में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि दोनों देशों ने आधुनिक ड्रोन डील प्रारूप के तहत रक्षा और सुरक्षा सहयोग समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसके अलावा, रणनीतिक साझेदारी के लिए एलिसिव एकॉर्ड नामक एक विशेष घोषणापत्र को भी स्वीकार किया गया है। आपको बता दें कि यह ऐतिहासिक नाम प्रिंस यारोस्लाव द वाइज़ की बेटी के नाम से जुड़ा हुआ है, जो इतिहास में नॉर्वे की रानी बनी थीं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने मुश्किल समय में लगातार समर्थन देने के लिए नॉर्वे सरकार का दिल से आभार जताया है। उन्होंने साल 2027 तक करीब 9.2 अरब डॉलर यानी लगभग 88 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता का स्वागत किया है। नॉर्वे की तरफ से घोषित इस सहायता राशि में से कुल 70 अरब क्रोनर सीधे तौर पर सैन्य सहायता के लिए रखे गए हैं, जबकि बाकी के 15 अरब क्रोनर नागरिक कार्यों और देश की बुनियादी जरूरतों के लिए खर्च किए जाएंगे। यह लगातार तीसरा ऐसा वर्ष होगा जब नॉर्वे यूक्रेन को हर साल लगभग 85 अरब क्रोनर की मदद मुहैया कराने का अपना वादा निभाएगा।
नॉर्डिक-बाल्टिक 8 शिखर सम्मेलन का आयोजन
प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर रविवार को विशेष रूप से कीव पहुंचे थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति जेलेंस्की की मेजबानी में आयोजित नॉर्डिक-बाल्टिक 8 (एनबी-8) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान यूक्रेन की एयर डिफेंस यानी वायु रक्षा प्रणालियों और एंटी बैलिस्टिक क्षमताओं को आधुनिक बनाने, ऊर्जा क्षेत्र को सुरक्षित रखने तथा वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने जैसे गंभीर मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। साथ ही आपसी बातचीत के नए दौर शुरू करने पर भी सहमति बनी।
इस सम्मेलन में कई देशों के बड़े नेता शामिल हुए। इनमें लिथुआनिया के राष्ट्रपति गितानास नौसेदा, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब, एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टन मिशाल, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन और लातविया के प्रधानमंत्री एंड्रिस कुलबर्ग्स व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रोस्टाडोटिर और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन माध्यम से इस बैठक में हिस्सा लिया और यूक्रेन की सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराया।