ओमान से होगी खाद और जरूरी सामान की सप्लाई, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के लिए यूएन का नया प्लान.

दुनियाभर में खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से खाद और जरूरी सामान लाने-लेजाने के लिए एक नया प्लान पेश किया है। इस नए कदम से दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाने और सामानों की आवाजाही को आसान करने की कोशिश की जा रही है ताकि आम जनता को बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके।
ओमान से संभाला जाएगा पूरा कामकाज
संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सामने आई जानकारी के मुताबिक यह नया नियम 24 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर सामने आया। पिछले कुछ महीनों से इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई थी जिससे हालात काफी खराब हो गए थे। इस समस्या से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने एक तटस्थ यानी निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाने का फैसला किया है। इसके तहत जहाजों का रजिस्ट्रेशन और उनकी जांच की जाएगी ताकि सामान सही सलामत अपनी मंजिल तक पहुंच सके। इस पूरी व्यवस्था का संचालन Oman से किया जाएगा क्योंकि सभी संबंधित पक्षों को इस ढांचे के बारे में पूरी जानकारी है इसलिए इसे बहुत जल्दी शुरू किया जा सकता है।
यूएन टास्क फोर्स ने तैयार किया खाका
इस प्रस्ताव को तैयार करने के पीछे एक लंबी प्रक्रिया रही है जिसे इस साल मार्च में बनाई गई एक विशेष टास्क फोर्स ने तैयार किया था। इस टीम का नेतृत्व UNOPS यानी संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय ने किया था। इसके साथ ही इसमें व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन यानी UNCTAD, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मचेड ने मिलकर काम किया। अधिकारियों का कहना है कि यह नियम किसी भी देश को जबरन पास होने की अनुमति नहीं देता है और न ही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी देश के अधिकारों में कोई बदलाव करता है।
समुद्री रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने समुद्री सुरक्षा पर बात करते हुए लाल सागर, काला सागर और बाब अल मंडेब में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने के अधिकारों को फिर से बहाल किया जाना चाहिए ताकि दुनिया का खान-पान किसी भी विवाद का शिकार न बने। इस समय इस इलाके में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चल रहा है जहां ईरान ने इस रास्ते पर रोक लगा रखी है और जहाजों से फीस वसूलने की धमकी दी है, जबकि अमेरिका इस रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है और ईरानी जहाजों को रोक रहा है।