Saudi Arabia पर हूती हमलों को UN सुरक्षा परिषद ने नकारा, ईरान के समर्थन पर जताई कड़ी आपत्ति.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 13 अगस्त 2026 को यमन में बढ़ते तनाव को लेकर एक अहम बैठक की, जिसमें सऊदी अरब पर हुए लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की गई। इस बैठक के दौरान लाल सागर में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को भी पूरी तरह से गलत बताया गया और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसे बड़ा खतरा माना गया।
यूनाइटेड किंगडम ने ईरान की भूमिका पर उठाए सवाल
संयुक्त राष्ट्र में यूके की डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव एम्बेसडर केट फोस्टर ने हूती मिलिशिया के लापरवाह कदमों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान द्वारा इस समूह को लगातार समर्थन दिया जाना इस पूरे इलाके में अशांति का सबसे बड़ा कारण है। यूके सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, ईरान को अपनी यह हरकतें तुरंत बंद करनी होंगी ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके।
सुरक्षा परिषद के नियमों और प्रस्तावों का पालन जरूरी
सुरक्षा परिषद ने साफ तौर पर कहा कि सभी देशों को प्रस्ताव 2216 का सख्ती से पालन करना चाहिए। इस प्रस्ताव के तहत 2140 प्रतिबंध समिति द्वारा तय किए गए संगठनों को किसी भी तरह के हथियार या तकनीकी मदद देना पूरी तरह बैन है। इसके अलावा, सना और हुदैदा एयरपोर्ट पर बिना अनुमति के उतरने वाले ईरानी विमानों पर भी गहरी चिंता जताई गई। परिषद ने जोर देकर कहा कि यमन सरकार की मंजूरी के बिना कोई भी फ्लाइट लैंड नहीं होनी चाहिए।
सऊदी अरब का बयान और हालिया हमले
सऊदी अरब ने सुरक्षा परिषद के इस मजबूत रुख का स्वागत किया है और साफ कर दिया है कि देश को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। सऊदी प्रेस एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, देश ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के खिलाफ आने वाले हर खतरे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। हाल ही में 10 अगस्त को शबवाह में एक खतरनाक ड्रोन हमला हुआ था और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर हमले में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही इन हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है।