Yemen: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का बड़ा फैसला, बिना अनुमति यमन में विमान उतरने पर लगाई रोक

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC ने यमन की संप्रभुता और वहां की सुरक्षा को लेकर एक सख्त रुख अपनाया है। 7 अगस्त 2026 को जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में परिषद ने साफ कर दिया है कि यमन की एकता और अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और व्यावसायिक जहाजों पर किए जा रहे लगातार हमलों की परिषद ने कड़ी निंदा की है, क्योंकि इससे समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ रहा है और क्षेत्रीय शांति प्रभावित हो रही है।
विमानों की लैंडिंग के लिए अब सरकार की अनुमति जरूरी
सुरक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि यमन के हवाई अड्डों पर किसी भी उड़ान को उतारने से पहले वहां की मान्यता प्राप्त सरकार से मंजूरी लेना अनिवार्य है। जुलाई के महीने में सना और होदेदाह एयरपोर्ट पर बिना अनुमति के विमानों के उतरने की घटनाओं को परिषद ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नियमों का उल्लंघन माना है। यह फैसला यमन की Civil Aviation and Meteorology Authority द्वारा 18 जुलाई 2026 को जारी किए गए उस आदेश का समर्थन करता है, जिसमें सभी संस्थाओं को यमन के एयरस्पेस में प्रवेश के लिए पूर्व-अनुमति लेना जरूरी बताया गया था। यह कदम Resolution 2216 (2015) के तहत उठाया गया है, जो हूती गुटों को हथियारों की आपूर्ति या किसी भी प्रकार के समर्थन पर रोक लगाता है।
बढ़ता तनाव और आम नागरिकों पर असर
यमन में हालात लगातार खराब हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने चेतावनी दी है कि देश फिर से बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान हूती विद्रोहियों ने मारिब के रिहायशी इलाकों और विस्थापितों के शिविरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसमें 2 नागरिक मारे गए और 14 लोग घायल हुए। इन घायलों में महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यमन की विदेश मंत्री Afrah Al-Zouba ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी और बताया कि मारिब और हद्रमूत में सैन्य शिविरों पर हुए हमलों में 17 सैनिक शहीद हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमलों की निंदा
हूती विद्रोहियों की इन हरकतों के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट नजर आ रही है। यूरोपीय संघ और अरब संसद ने सऊदी अरब के नज्रान क्षेत्र में हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें 10 से अधिक आम नागरिक घायल हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार यह मांग उठाई जा रही है कि यमन में तुरंत शांति बहाली के लिए सभी हमले बंद किए जाएं। यह मामला न केवल यमन की आंतरिक शांति के लिए, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों और वहां के सुरक्षा तंत्र के लिए अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि हवाई मार्गों पर अनधिकृत गतिविधियों से हवाई यात्रा की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ता है।