US Central Command का बड़ा एक्शन, ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी में 49 जहाज डायवर्ट किए गए

अमेरिकी सेना के US Central Command (CENTCOM) ने एक महत्वपूर्ण सैन्य ऑपरेशन के तहत फारस की खाड़ी में बड़ी कार्रवाई की है। 7 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, CENTCOM ने ईरान के खिलाफ चल रही अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) के दौरान कुल 49 वाणिज्यिक जहाजों को उनके रास्ते से हटाकर दूसरी दिशा में भेजा है। इसके अलावा, सेना ने दो जहाजों को निष्क्रिय किया और दो अन्य जहाजों पर चढ़कर उनकी जांच की है। ये सभी आंकड़े 6 अगस्त 2026 तक की स्थिति को दर्शाते हैं, जिसकी रिपोर्ट संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक समाचार एजेंसी WAM ने दी है।
नाकेबंदी और तनाव की पृष्ठभूमि
अमेरिका ने 14 जुलाई 2026 से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों को निशाना बनाकर अपनी नाकेबंदी को फिर से शुरू किया था। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच हुए पिछले संघर्ष विराम समझौते के पूरी तरह से टूट जाने के बाद उठाया गया है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक Strait of Hormuz से होकर ईरान के बंदरगाहों में जाने वाले या वहां से निकलने वाले सभी तरह के जहाजों को रोकना है। अमेरिकी सेना की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह नाकेबंदी केवल ईरान की ओर जाने वाले मालवाहक जहाजों पर लागू है। अन्य देशों के जहाजों के लिए जो ईरान के बंदरगाहों पर नहीं जा रहे हैं, उनके लिए Strait of Hormuz में आवाजाही पूरी तरह से खुली रखी गई है। इस अभियान में USS Boxer (LHD 4) जैसे युद्धपोत और मरीन कॉर्प्स के विमान शामिल हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया और तनावपूर्ण स्थिति
ईरान ने इस अमेरिकी कार्रवाई को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। तेहरान का मानना है कि यह कदम न केवल एक आक्रामक कार्रवाई है, बल्कि पिछले समझौतों का सीधा उल्लंघन भी है। ईरान का दावा है कि अमेरिका की इन हरकतों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा का संकट गहरा गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए ईरान की संसद एक नई योजना पर विचार कर रही है। इस प्रस्तावित योजना के तहत ईरानी अधिकारी अमेरिकी और इजरायली जहाजों को इस जलडमरूमध्य से गुजरने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा सकते हैं।
इसके साथ ही, ईरान अन्य वाणिज्यिक जहाजों से उनके कार्गो वैल्यू का 7 प्रतिशत तक शुल्क वसूलने पर भी विचार कर रहा है, ताकि युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। ईरान की मांग है कि जो भी जहाज इस क्षेत्र से गुजरें, वे पहले ईरानी अधिकारियों से समन्वय करें और उनके तटीय मार्ग का पालन करें। हालांकि ओमान और ईरान के बीच समुद्री मार्गों को लेकर कुछ समझौतों पर बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर किसी भी तरह का शुल्क या परमिट लगाना स्वीकार नहीं किया जाएगा और समुद्री रास्ते हमेशा मुक्त रहने चाहिए।