US CENTCOM का बड़ा कदम, ईरान के खिलाफ नाकाबंदी के बीच 70 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट.

Praggya Singh sabal23 August 20262 min read65 viewsWorld
US CENTCOM का बड़ा कदम, ईरान के खिलाफ नाकाबंदी के बीच 70 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट.

अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी US CENTCOM ने ईरान के बंदरगाहों को घेरने के लिए चल रही समुद्री नाकाबंदी के तहत बड़ा एक्शन लिया है। अमेरिकी सेना ने 23 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि उन्होंने अब तक कुल 70 कमर्शियल जहाजों को उनके रास्ते से हटाकर दूसरी तरफ डायवर्ट किया है। इस सख्त कार्रवाई के दौरान तीन जहाजों को पूरी तरह से निष्क्रिय भी किया गया और नियमों का पालन करवाने के लिए दो अन्य जहाजों पर सुरक्षा बल के जवान भी चढ़े।

समुद्री नाकाबंदी का पूरा घटनाक्रम और कड़े नियम

ईरान आने-जाने वाले जहाजों पर यह नाकाबंदी पहली बार 13 अप्रैल 2026 को शुरू की गई थी। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते की वजह से इसे कुछ समय के लिए रोका गया था, लेकिन 14 जुलाई 2026 को इसे फिर से सख्ती के साथ लागू कर दिया गया। अमेरिकी सेना इस नाकाबंदी को सफल बनाने के लिए चेतावनी देने, जहाजों को बीच रास्ते में रोकने और मैरीटाइम स्ट्राइक हेलीकॉप्टर, F-16 फाइटर जेट जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा युद्धपोतों USS John Finn (DDG 113) और USS Ross (DDG 71) पर तैनात मरीन कमांडो भी लगातार गश्त कर रहे हैं।

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अमेरिकी नेताओं का दावा और ईरान का कड़ा विरोध

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस नौसैनिक नाकाबंदी को सौ प्रतिशत सफल बताया है और कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण बना हुआ है। दूसरी तरफ ईरान के बड़े नेताओं ने इस नाकाबंदी को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf, विदेश मंत्री Abbas Araghchi, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने मिलकर अमेरिकी प्रशासन के इन फैसलों की कड़ी निंदा की है। ईरानी अधिकारियों का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित रहेगी।

गल्फ देशों में शिपिंग और व्यापार पर बढ़ता दबाव

आने वाले सोमवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर कुछ और नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक तनाव और अधिक बढ़ गया है। कमर्शियल शिपिंग कंपनियों और समुद्री बीमा एजेंसियों ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि युद्ध के खतरे से जुड़े बीमा प्रीमियम लगातार महंगे हो रहे हैं। इसके अलावा खाड़ी देशों में माल पहुंचाने के रास्तों पर सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है और जहाजों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा है। क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए ओमान में स्थित अमेरिकी दूतावास के अधिकारी लगातार स्थानीय लोगों और नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि इस संकट से निपटा जा सके।

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