अमेरिका का ईरान पर बड़ा शिकंजा, 68 जहाजों को बदला गया रास्ता, मध्य पूर्व में तनाव तेज।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी US CENTCOM ने ईरान के खिलाफ चल रही अपनी नौसेना की नाकाबंदी को लेकर एक बड़ा अपडेट शेयर किया है। 22 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी फौजों ने ईरान के खिलाफ इस सख्त नाकाबंदी अभियान के तहत अब तक कुल 68 कमर्शियल जहाजों का रास्ता सफलतापूर्वक बदल दिया है। इसके साथ ही, अमेरिकी बलों ने कार्रवाई करते हुए 3 जहाजों को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है और 2 अन्य जहाजों पर बोर्डिंग भी की है। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी CENTCOM ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा की है, जिसमें अमेरिकी नाविकों को युद्धपोत USS Ross (DDG 71) के उड़ान डेक पर एमएच-60आर सी हॉक हेलीकॉप्टर को उतरते हुए देखा गया। इस नाकाबंदी में समर्थन देने के लिए वर्तमान में 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए गए हैं। इस खबर के बारे में अधिक जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।
हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई
इस नौसैनिक कार्रवाई से ठीक पहले के 24 घंटों में, CENTCOM की फौजों ने लाल सागर के ऊपर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के 2 मानव रहित विमान यानी यूएवी को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके अलावा, यमन के भीतर हूती नियंत्रित क्षेत्र में एक और यूएवी को भी मार गिराया गया। अमेरिकी सेना ने बताया कि यह कदम अमेरिकी, गठबंधन और मर्चेंट जहाजों के सामने आ रहे आसन्न खतरों को टालने के लिए उठाया गया था। इससे पहले 21 अगस्त 2026 को भी अमेरिकी बलों ने यमन में ईरान समर्थित हूती सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल और रडार प्रणाली को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया था।
हॉर्मूज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही
केंद्रीय कमान के प्रवक्ता और अमेरिकी नौसेना के कप्तान Tim Hawkins ने जानकारी दी है कि भले ही यह सख्त नौसैनिक नाकाबंदी लगातार जारी है, लेकिन जहाजों के आने-जाने के लिए कई रास्ते अभी भी पूरी तरह खुले रखे गए हैं। अमेरिकी सैन्य एस्कॉर्ट्स ने मई की शुरुआत से लेकर अब तक हॉर्मूज जलडमरूमध्य से 660 मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल और लगभग 1,300 कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को बहुत ही सुरक्षित तरीके से पूरा कराया है। इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए अमेरिकी नौसेना पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रही है ताकि व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे।
डोनाल्ड ट्रम्प और प्रशासन की नई आर्थिक रणनीतियां
यह पूरा का पूरा नौसैनिक ऑपरेशन अमेरिकी प्रशासन द्वारा घोषित की गई व्यापक आर्थिक रणनीतियों के बिल्कुल अनुरूप है। 20 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump ने तेहरान के खिलाफ एक क्रूर आर्थिक अभियान की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी वादा किया था कि जो भी देश ईरानी शासन को किसी भी तरह की मदद प्रदान करेगा, उसे बहुत बड़े आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने यह बयान दिया कि 24 अगस्त 2026 को इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों सहित कई और नए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
इन सभी घोषणाओं से पहले अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth ने 14 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया था कि ईरानी बंदरगाहों पर चल रही यह नाकाबंदी अनिश्चितकाल तक ऐसे ही जारी रहेगी। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य मौजूदा ईरानी शासन के पतन को सुनिश्चित करना है और इसके लिए वह हरसंभव आर्थिक और सैन्य कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। खाड़ी देशों और समुद्र में व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति काफी बड़ी हलचल पैदा कर रही है, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन अपनी इस नीति पर पूरी सख्ती से आगे बढ़ रहा है।