Middle East: अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में तैनात किए 50,000 से ज्यादा सैनिक, सुरक्षा को लेकर हुआ बड़ा ऐलान.

अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि इस समय मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ये सभी सैनिक इलाके में सुरक्षा बनाए रखने और अलग-अलग जरूरी सैन्य अभियानों को पूरा करने में जुटे हुए हैं। आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि यह तैनाती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है, जो पिछले काफी समय से लगातार चल रही है। अमेरिकी सेना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम रखने के लिए पूरी तरह से सतर्क नजर आ रही है।
एडमिरल ब्रैड कूपर का क्षेत्रीय दौरा और अहम बैठकें
हाल ही में CENTCOM के कमांडर Admiral Brad Cooper ने 15 अगस्त 2026 को अपना दस दिन का क्षेत्रीय दौरा पूरा किया है। इस दौरे के दौरान उन्होंने बहरीन, इराक, इस्रायल, जॉर्डन, साउदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य चल रहे अभियानों की समीक्षा करना और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बातचीत करना था। इस दौरान उन्होंने स्थानीय सुरक्षा और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर भी खास जोर दिया, ताकि इलाके में किसी भी तरह की अनहोनी से आसानी से निपटा जा सके।
USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती
दौरे के दौरान एडमिरल कूपर ने USS Abraham Lincoln कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती के बारे में भी खास जानकारी दी। यह ग्रुप इसी साल जनवरी 2026 में इस क्षेत्र में पहुंचा था। इसे आधुनिक इतिहास के सबसे ताकतवर और असरदार नौसैनिक अभियानों में से एक माना जा रहा है। यह स्ट्राइक ग्रुप इस समय अरब सागर में मौजूद है और Operation Epic Fury के तहत कई हजार युद्धक उड़ानें भर चुका है। इसके साथ ही यह समूह क्षेत्रीय सुरक्षा पहलों में भी लगातार मदद कर रहा है और ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी को भी प्रभावी ढंग से संभाल रहा है।
जॉर्डन में सैन्य नेतृत्व में बदलाव
अपनी इस यात्रा के दौरान एडमिरल कूपर ने 11 अगस्त 2026 को जॉर्डन में Combined Joint Task Force – Operation Inherent Resolve (CJTF-OIR) के लिए कमान हस्तांतरण की प्रक्रिया की देखरेख भी की। इस दौरान रियर एडमिरल Liam Hoolin ने मेजर जनरल Kevin Lambert से कमान अपने हाथों में ली। CENTCOM इस क्षेत्र में अपनी मजबूत सैन्य स्थिति लगातार बनाए हुए है। उनका मुख्य फोकस समुद्री सुरक्षा से लेकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने जैसे कई महत्वपूर्ण मिशनों पर पूरी तरह से केंद्रित है।