US Claims: अमेरिका के दावों पर उठे सवाल, ईरान की मिसाइल ताकत खत्म होने की बात को एक्सपर्ट्स ने बताया सिर्फ सपना

अमेरिका के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं जिनमें कहा गया था कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल ताकत को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकारों और जियोपॉलिटिकल एनालिस्ट्स ने इन आधिकारिक रिपोर्ट्स कोरी कल्पना करार दिया है। इस स्थिति ने खाड़ी देशों और दुनिया भर में रहने वाले प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
ईरान की सैन्य ताकत पर उठ रहे बड़े सवाल
अमेरिकी प्रशासन की तरफ से लगातार यह बात कही जा रही थी कि ईरान की हमला करने की क्षमता में भारी कमी आई है। लेकिन इस दावे पर तब पानी फिर गया जब इजरायली रक्षा अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट्स में खुलासा किया कि वे ईरान की तेजी से हो रही सैन्य रिकवरी को देखकर हैरान हैं। इजरायली अधिकारियों ने माना कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे में एक बार फिर से बड़ा और अप्रत्याशित सुधार देखने को मिला है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump अपनी अगली रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं। कई सुरक्षा विश्लेषकों का यह मानना है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में कम से कम 300,000 troops यानी सैनिकों की तैनाती नहीं करता, तब तक मौजूदा रणनीतियों के फेल होने का पूरा खतरा बना हुआ है। दूसरी तरफ ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और धर्मगुरुओं जैसे Ahmad Khatami ने अमेरिकी कोशिशों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ईरान का सैन्य और परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और बरकरार है।
होरमुज जलडमरूमध्य और तेल टैंकरों पर तनाव
तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने होरमुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के संकेत दिए हैं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन आधिकारिक तौर पर ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों से निपटने के लिए कूटनीतिक रास्ते अपनाने की बात कर रहा है, लेकिन मैदानी हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम और आधिकारिक बयानों की विस्तृत जानकारी आप White House Releases पर देख सकते हैं।
मध्य पूर्व में लगातार बिगड़ते हालात का असर वहां काम करने वाले कामगारों और आम जनता पर भी पड़ रहा है। सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो ताकि आम जीवन पर इसका बुरा असर न पड़े।